जय की पत्नी श्वेता गरीब परिवार से हैं। आय का कोई स्रोत नहीं है। फर्जी आईटीआर भरकर काली कमाई को सफेद करने का अवैधधंधा चल रहा है। अवैध कारोबार की सारी जानकारियां इनके लैपटॉप व डायरी में हैं। इस बात का खुलासा अधिवक्ता सौरभ भदौरिया ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लखनऊ की टीम के सामने किया।
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गैंगस्टर जय बाजपेई और विकास दुबे
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ईडी के संयुक्त निदेशक को सौंपे शपथपत्र में सौरभ ने गैंगस्टर जय बाजपेई व गिरोह के लोगों द्वारा सट्टा कारोबार, बीसी व्यापार, ब्याज पर रुपये देने आदि के काम में लिप्त होने के आरोप लगाए। कहा कि जय और विकास ने कई सरकारी जमीनों को पुलिसकर्मियों के सहयोग से बेच भी दिया है।
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विकास दुबे का करीबी जय
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गैंगस्टर ने संरक्षणदाता पुलिसकर्मियों के नाम पर भी कई संपत्तियां खरीदी हैं। विकास दुबे, गैंगस्टर जय बाजपेई, उसके खास साथी व भाजपा नेता की फर्रुखाबाद, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बिल्हौर आदि में स्थित 23 संपत्तियों का ब्योरा भी साक्ष्य के रूप में सौरभ ने ईडी को सौंपा।
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जय बाजपेयी पत्नी श्वेता एवं विकास दुबे
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सौरभ का कहना है कि न्यायिक आयोग ने भी जांच तेज कर दी है। बिकरू कांड में शहीद हुए आठ पुलिसककर्मियों के परिजनों के अलावा जेल में बंद 36 अन्य आरोपियों को नोटिस भेजा गया है। इसी सप्ताह सभी के बयान आयोग दर्ज करेगा।
बता दें कि बिकरू कांड के मुख्य आरोपी विकास दुबे के करीबी जय बाजपेई को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। बिकरू कांड की साजिश में शामिल होने के आरोप में उसे जेल भेज दिया गया। उसकी कई संपत्तियों को सीज कर दिया गया है। जय और उसके भाईयों के पासपोर्ट भी रद्द करने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है।