लखनऊ में विदेशी मुद्रा पकड़ने के बाद विवादों के घेरे में आए एसटीएफ कानपुर यूनिट के सीओ विजय प्रताप यादव, इंस्पेक्टर जैनुद्दीन और सिपाही राकेश को हटा दिया गया है। सीओ को ट्रांसफर कर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (पीटीसी) सुल्तानपुर भेजा गया है जबकि इंस्पेक्टर को ईओडब्ल्यू लखनऊ व सिपाही को क्राइम ब्रांच कानपुर भेज दिया गया है।
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फाइल फोटो
अमौसी एयरपोर्ट के बाहर कानपुर के हवाला कारोबारी से विदेशी मुद्रा पकड़ने के मामले में एसटीएफ कानपुर यूनिट की कार्रवाई पर सवाल खड़े हुए थे। आरोपियों ने लूट का आरोप लगाया था। इसके बाद यह कार्रवाई हुई है।
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फाइल फोटो
3 मार्च को सीओ विजय प्रताप के नेतृत्व में एसटीएफ टीम ने अमौसी एयरपोर्ट के पास से दलेलपुरवा कानपुर निवासी सलाउद्दीन को 35 लाख की विदेशी मुद्रा केसाथ पकड़ा था। पूछताछ के लिए उसको बंथरा थाने ले जाया गया था तो वहां पर एसटीएफ अधिकारियों ने खुद को एटीएस का बताया था।
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फाइल फोटो
दूसरे दिन एसटीएफ सलाउद्दीन को लेकर उसकेदोस्त शावेज को पकड़ने शहर आई थे, इस दौरान भीड़ ने सलाउद्दीन को छुड़वाकर भगा दिया था। सलाउद्दीन को मुद्रा उपलब्ध करवाने वाले दिल्ली निवासी हैदर ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर एसटीएफ पर लूट का आरोप लगाया था।
इसके बाद एसटीएफ कानपुर यूनिट की जांच शुरू हुई थी। एसटीएफ एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि विदेशी मुद्रा मामले की जांच आयकर विभाग कर रहा है। एसटीएफ पर लगे आरोपों की जांच एसएसपी लखनऊ कर रहे हैं। गुपचुप तरीके से सीओ, इंस्पेक्टर और एक सिपाही को हटाया गया है। अन्य लोगों की भूमिका भी जांची जा रही है।