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बेहमई कांड: फिर टला फैसला, मूल केस डायरी गायब, फूलन ने लाइन में खड़ा कर 20 लोगों को मारी थी गोली

Sun, 19 Jan 2020 03:22 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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फूलन देवी का गिरोह जिसने लाइन में खड़ा कर 20 लोगों को मारी थी गोली - फोटो : अमर उजाला
कानपुर देहात के बहुचर्चित बेहमई कांड पर शनिवार को फिर फैसला टल गया। मुकदमे की मूल केस डायरी ही गायब है। फैसले के स्तर पर मूल केस डायरी न मिलने पर कोर्ट ने लिपिक को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने मूल केस डायरी तलाश कर 24 जनवरी को अदालत में रखने का आदेश दिया है।

 
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फूलन देवी - फोटो : अमर उजाला
14 फरवरी 1981 को दस्यु सुंदरी फूलन देवी के गिरोह ने बेहमई गांव में धावा बोलकर 20 लोगों की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। छह लोग गोली लगने से घायल हुए थे। बेहमई गांव निवासी राजाराम सिंह ने फूलन देवी समेत 35-36 डकैतों के खिलाफ थाना सिकंदरा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वर्ष 2012 में डकैत फूलन समेत भीखा, पोसा, विश्वनाथ, श्याम बाबू और राम सिंह पर आरोप तय किए गए थे।

 
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फूलन देवी - फोटो : अमर उजाला
मामले की सुनवाई सुधीर कुमार विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र (एंटी डकैती) की कोर्ट में चल रही है। पहले अभियोजन ने छह जनवरी को अदालत के फैसला सुनाने की संभावना जताई थी। तब बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा था कि उनकी ओर से लिखित बहस और उच्च न्यायालय की कुछ रूलिंग कोर्ट में पेश की जानी है।

 

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फूलन देवी एवं मां मूला देवी - फोटो : अमर उजाला
इस पर कोर्ट ने लिखित बहस व रूलिंग दाखिल करने के लिए 16 जनवरी का समय दिया था। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने निर्धारित तारीख पर लिखित बहस व रूलिंग दाखिल कर दी थी। इसके बाद शनिवार को फैसला आने की संभावना था। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी राजू पोरवाल ने बताया कि फैसले के स्तर पर मूल केस डायरी पत्रावली में नहीं मिली है।

 
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फूलन देवी (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
कोर्ट ने मूल केस डायरी की तलाश करते हुए 24 जनवरी को कोर्ट में रखने का आदेश दिया है। फाइल में केस डायरी न होने पर न्यायालय के सत्र लिपिक राजेंद्र प्रसाद को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। अब बेहमई कांड पर फैसला आने के बारे में कोई समय निश्चित नहीं है।
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