यदि आपके मोबाइल फोन पर सोशल मीडिया के जरिए एनी डेस्क मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करने का लिंक फारवर्ड होकर आया है तो इस पर क्लिक करने से बचें। यह एप्लीकेशन आपके बैंक खातों के लिए घातक हो सकता है। रिजर्व बैंक ने ऑनलाइन बैंकिंग में फ्रॉड होने की आशंका में सभी बैंकों और पेमेंट सिस्टम ऑपरेटरों को इससे बचने की चेतावनी जारी की है। यह चेतावनी यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) प्लेटफॉर्म पर संभावित फ्रॉड को लेकर है।
रिजर्व बैंक ने कहा है कि यह नोटिस इसलिए जारी किया जा रहा है क्योंकि यूपीआई के प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से फ्रॉड होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। एनी डेस्क नाम के मोबाइल ऐप को कथित रूप से ग्राहकों के फोन को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा है। रिजर्व बैंक के साइबर सिक्योरिटी एवं आईटी एग्जामिनेशन सेल की ओर से जारी अलर्ट में स्पष्ट किया गया है कि मोबाइल फोन पर इस ऐप को इंस्टॉल करने के बाद यह अन्य ऐप की तरह ही ग्राहकों से फोन को नियंत्रित (कंट्रोल एक्सेस) करने की अनुमति मांगी जाती है।
डेमो पिक
कुछ केस में सामने आया है कि अनुमति मिलने के बाद यह ऐप फोन में मौजूद अन्य पेमेंट ऐप से फ्रॉड ट्रांजेक्शन करने के लिए निजी सूचनाएं चुरा लेता है। रिजर्व बैंक का यह अलर्ट केवल यूपीआई प्लेटफॉर्म तक सीमित नहीं है। यह मोबाइल फोन पर पेमेंट के अन्य फॉर्म के लिए भी है। इसलिए बैंक और पेमेंट सिस्टम ऑपरेटरों के साथ आम लोगों को बड़े पैमाने पर चेतावनी जारी की जा रही है। रिजर्व बैंक ने इसी तरह जनवरी 2019 में एक अन्य मोबाइल एप्लीकेशन के लिए भी ऐसी ही चेतावनी जारी की थी।
फोन आपका, पर चला रहा होगा कोई और
एनी डेस्क ऐप आपके मोबाइल या कंप्यूटर को एक्सेस कर लेता है। इसके जरिए दुनिया में कहीं भी बैठा हैकर आपके फोन की जानकारी को डिलीट, कॉपी कर सकता है, साथ ही बैंकिंग डाटा, फोन नंबर, फोटो, वीडियो चुरा सकता है। ऐप डाउनलोड होने पर एक कोड जेनरेट होता है, इस कोड के जरिए हैकर फोन हैक करता है। जब फोन हैक किया जाता है तो यूजर के पास रिक्वेस्ट आती है, जिसे वह धोखे में ओके कर लेता है।