उत्तर प्रदेश के औरैया में हुए सड़क हादसे की जांच में सामने आया है कि राजस्थान पुलिस ने प्रवासी मजदूरों को ट्राले में बैठाकर रवाना किया था। इस तथ्य को जांच में प्रमुखता से अंकित किया गया है। शासन को रिपोर्ट भेजने के साथ ही इसकी मौखिक जानकारी भी दे दी गई है।
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यूपी के औरैया में बड़ा हादसा
- फोटो : अमर उजाला
जांच अधिकारी आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि मजदूरों से पूछताछ में पता चला है कि राजस्थान के अलग-अलग जिलों से यूपी, बिहार, बंगाल के प्रवासी मजदूर रवाना हुए। लेकिन हादसे के शिकार मजदूरों को भरतपुर (राजस्थान) में उतार दिया गया। वहां से ये कई किलोमीटर पैदल चले।
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औरैया सड़क हादसा
- फोटो : amar ujala
रास्ते में मिली भरतपुर पुलिस ने सभी को ट्राले में बैठाकर भेज दिया। चूंकि लॉकडाउन में ट्रकों से प्रवासी मजदूरों को लाने पर भी प्रतिबंध हैं, इसलिए ट्रक चालकों को भी दोषी बनाया गया है। शासन ने फतेहपुर सीकरी के एसएचओ भूपेंद्र बालियान, मथुरा कोसीकला के एसओ आजाद पाल और गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाने के एसएचओ अमित खारी को शनिवार को ही निलंबित कर दिया है।
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औरैया में भीषण सड़क हादसा
- फोटो : अमर उजाला
आगरा और मथुरा के एसएसपी व आगरा रेंज के आईजी और डीआईजी से स्पष्टीकरण मांगा है। इधर आईजी की जांच में सामने आया है कि जिन-जिन जिलों से ट्राला और डीसीएम गुजरे हैं, वहां की जिला पुलिस की लापरवाही है। क्योंकि ट्रकों आदि से मजदूरों को नहीं ले जाया सकता। इससे सोशल डिस्टेंसिंग का भी उल्लंघन होता है।
सरकारी साधन न मिलना भी मुसीबत सूत्रों के मुताबिक जो मजदूर घायल हैं, उन्होंने प्रशासनिक और पुलिस के आला अधिकारियों से बताया कि वे पैदल चलने पर मजबूर थे, क्योंकि सरकारी साधन नहीं मिल रहे थे और न ही प्रशासन से कोई मदद मिल रही थी। ट्राला मिला तो मजबूरी में बैठ गए।