जिंदगी का सफर पूरा करने से ठीक पहले कन्नौज आए भारत रत्न पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सोलर प्लांट की सौगात दे गए थे। उन्होंने सात जुलाई 2015 को तिर्वा तहसील के फकीराबाद में सोलर प्लांट की शुरुआत करते हुए इसे बदलते वक्त की जरूरत बताया था, वह अब 40 महीने से ठप है। फरवरी 2020 में आई खराबी को बजट के अभाव में अब तक दूर नहीं किया जा सका है।
पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की कन्नौज से गहरी यादें जुड़ी हैं। 27 जुलाई 2015 को उन्होंने अंतिम सांस ली थी, ठीक 20 दिन पहले वह कन्नौज में ही थे। अपनी जिंदगी के आखिरी दिनों में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ उन्होंने सात जुलाई 2015 को तिर्वा तहसील के उमर्दा ब्लॉक क्षेत्र के फकीरापुर और चंदुआहार गांव को 250 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट की सौगात दी थी।
इस दौरान वह अपनी अनोखी मुस्कुराहट के साथ कन्नौज के बाशिंदों से रूबरू भी हुए थे। देश को उर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सोलर शक्ति को अपनाने पर जोर दिया था। पूर्व राष्ट्रपति ने जिसे आने वाले समय की जरूरत बताया था, वही प्लांट 40 महीनों से ठप है। इस दौरान वहां रखी कई मशीन और बैटरियां खराब हो गई हैं। हर बार बजट की तंगी बताकर शासन तक बात पहुंचाने की बात कही गई, लेकिन उसे शुरू नहीं कराया जा सका।