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UP: चारपाई पर लेटे मासूम को कुत्तों ने नोचकर मार डाला, सीने और पीठ पर थे बड़े-बड़े घाव, परिजनों में मातम

Tue, 08 Apr 2025 11:30 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद

सार

Farrukhabad News: मृतक मासूम के पिता ने बताया कि झोपड़ी के अंदर चारपाई पर लेटे धीरज को कुत्तों ने मुंह में दबा लिया। इसके बाद खेतों की तरफ ले गए। कुछ दूरी पर कुत्तों को बच्चे को नोंचता देख चीख पुकार मचाते हुए दौड़े, लेकिन तब तक कुत्ते मासूम के पीठ और सीने पर काफी घाव कर चुके थे।
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लोहिया अस्पताल बच्चे का इलाज कराने पहुंचे माता पिता - फोटो : amar ujala
फर्रुखाबाद जिले में चारपाई पर सो रहे एक मासूम को खूंखार कुत्ते खींचकर ले गए। मां ने चारपाई खाली देखी, तो चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने कुछ दूरी पर मासूम को कुत्तों से छुड़ाया। उसे गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
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घटनास्थल पर जानकारी देती मृतक बच्चे की मां, मौजूद बहने - फोटो : amar ujala
झोपड़ी में घुस आए थे दो खूंखार कुत्ते
फतेहगढ़ थाने के गांव रामनगर कुटरा निवासी राजू कुशवाह पेंटर हैं। उनका पांच माह का बेटा धीरज उर्फ धनुज सोमवार शाम झोपड़ी में चारपाई पर सो रहा था। मां शिखा बाहर बर्तन धुल रही थी। अन्य भाई-बहन खेलने चले गए। उसी समय दो खूंखार कुत्ते झोपड़ी में घुस आए।
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घटनास्थल पर जमा भीड़ - फोटो : amar ujala
मासूम को खेतों की तरफ ले गए कुत्ते
उन्होंने चारपाई पर लेटे धीरज को मुंह में दबा लिया। इसके बाद खेतों की तरफ ले गए। कुछ ही देर में शिखा की नजर चारपाई पर गई, तो वहां बच्चे को न देख। बाकी बच्चों से पूछताछ की, तो वह कुछ नहीं बता सके। शोरगुल मचा तो बच्चे और आसपास के लोग दौड़े।

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पतेल की झोपड़ी दिखाते राजू और शिखा - फोटो : amar ujala
पीठ और सीने पर काफी घाव थे
कुछ दूरी पर कुत्तों को बच्चे को नोंचता देख चीख पुकार मचाते हुए दौड़े। लेकिन तब तक कुत्ते मासूम के पीठ और सीने पर काफी घाव कर चुके थे। राजू और शिखा गंभीर हालत में बच्चे को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉ. अभिषेक चतुर्वेदी ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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इसी चारपाई पर ही बच्चा लेटा था - फोटो : amar ujala


परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

डॉक्टर ने बताया कि उसके सीने और पीठ पर बड़े घाव थे। अधिक खून बहने से मौत हो गई। पिता राजू ने बताया कि उनके सात बच्चों में धीरज सबसे छोटा था। अन्य बच्चों में सनी, प्राची, सिमरन, राजकुमारी, दीपक, धीरज हैं। घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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