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B'dy Spcl: मायावती को जोगिनी, मुलायम को फुटबॉल और शिवपाल को धर्मपिता बताने वाले 'अमर सिंह के किस्से'

Sun, 27 Jan 2019 06:04 AM IST
प्रशांत कुमार प्रशांत कुमार द्विवेदी, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
27 जनवरी 1956 को आजमगढ़ में जन्मे अमर सिंह का इटावा से गहरा नाता रहा है। मुलायम के बेहद करीबी और यादव परिवार के सदस्य कहे जाने वाले अमर सिंह का जन्मदिन है। सपा की सियासत में कभी अच्छा खासा प्रभाव रखने वाले अमर सिंह इन दिनों यादव कुनबे से खफा हैं।

 
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अमर सिंह - फोटो : अमर उजाला
अमर सिंह समाजवादी पार्टी के महासचिव व राज्य सभा के सदस्य रह चुके हैं। 6 जनवरी 2010 को अमर सिंह ने समाजवादी पार्टी के सभी पदों से त्यागपत्र दे दिया था। वर्ष 2016 में इनकी समाजवादी पार्टी में पुनः वापसी हुई और राज्य सभा के लिए चुने गये। लेकिन परिवार में मचे घमासान के बीच अमर सिंह का मुद्दा उछला। इसके बाद तो अमर सिंह ने अखिलेश यादव को ऐसी-ऐसी बातें कहीं जिससे सियासी गलियारे में हड़कंप तक मच गया था।
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अमर सिंह - फोटो : अमर उजाला
अपनी बेबाकी और राजनीतिक संबंधों के लिए पहचाने जाने वाले अमर सिंह समाजवादी से अलग होकर भारतीय जनता पार्टी के समर्थन में आए दिन बयान दे रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उनको नमाज़वादी तक कह डाला।


 

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अमर सिंह, आजम खान
घटना है अमर सिंह द्वारा समाजवादी पार्टी को अलविदा कह देने के बाद दोबारा वापसी की
साल 2015 सैफई में मुलायम सिंह के जन्मदिन के बाद रखी गई एक पार्टी में सपा से निष्कासित अमर सिंह की मौजूदगी ने सबका ध्यान अपनी तरफ बटोरा था। इस कार्यक्रम में अमर सिंह के राजनीतिक शत्रु आजम खान ने एक सवाल के जवाब में अमर सिंह की तुलना कूड़े से कर दी थी। उन्होंने कहा था कि जब कभी तूफान आता है तो कूड़ा-करकट भी उसके साथ आ जाता है।
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अमर सिंह
अमर आजम के रिश्ते काफी तल्ख रहे हैं। कई बार अमर सिंह तो कई बार आजम खान एक दूसरे को लेकर ऐसी टिप्पणी कर चुके हैं जिनसे राजनीति के गलियारों की हवा गर्म हो गई थी।
 
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अमर सिंह - फोटो : अमर उजाला
18 अक्टूबर 2018

कन्नौज में अमर सिंह ने मुलायम सिंह और मायावती पर तंज कसे। इस दौरान उन्होने कहा कि मायावती भाजपा की प्रोडक्ट हैं और भाजपा ने ही उन्हें बनाया है। इतना ही नहीं अमर सिंह ने कहा कि भाजपा ने उन्हें आगे बढ़ाया और वह खुद पीछे रहीं। तभी तो एक समय वह गुजरात तक भाजपा का प्रचार करने गईं और मुसलमानों को कट्टरपंथी तक कहा। अमर सिंह बोले, ईश्वर करे मायावती का हृदय परिवर्तन हो और वह फिर से प्रधानमंत्री मोदी की शरण में जाएं। 
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अमर सिंह - फोटो : अमर उजाला
18 अक्टूबर 2018
अमर सिंह ने कहा कि मुलायम सिंह यादव तो फुटबॉल बने हुए हैं। कभी अखिलेश तो कभी शिवपाल के कार्यक्रम में पहुंच जाते हैं। अभी तय नहीं है कि वह किसके पाले में जाते हैं।

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राज्यसभा सांसद अमर सिंह - फोटो : amar ujala
18 अक्टूबर 2018
अमर सिंह ने कहा कि यदि वह अखिलेश के पाले में जाते हैं तो क्या मायावती विधानसभा में हुई घटना को भूल पाएंगी। मायावती ने तो दिखा दिया है कि किस तरह छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का हाथ पकड़ते-पकड़ते उन्होंने जोगी का हाथ थाम लिया और राजनीति की जोगिनी बन गईं। इसी तरह हरियाणा में वह चौटाला के साथ चली गईं।


 

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अमर सिंह व शिवपाल सिंह यादव। - फोटो : amar ujala
18 अक्टूबर 2018
अमर सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी से मुलायम सिंह निकाले जा चुके हैं। पार्टी की रीढ़ कह जाने वाले शिवपाल भी मजबूती से अलग स्थापित हो रहे हैं। हम लोग जो शुरु से पार्टी से जुड़े रहे उन्हें भुला दिया गया।
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अमर सिंह - फोटो : amar ujala
18 अक्टूबर 2018
अमर ने अखिलेश का नाम लिए बगैर कहा कि वह धर्मपिता शिवपाल और मां की तरह देखभाल करने वाली शिवपाल की पत्नी से समझौता नहीं करेंगे लेकिन मायावती से समझौता कर लेंगे।
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