गर्मीं की धनतेरस मानी जानें वाली अक्षय तृतीया इस वर्ष 18 अप्रैल को पड़ रही है। पंडितों की मानें तो तृतीया पर आयुष्मान योग भी बन रहा है। इस योग में पूजन से मां लक्ष्मी प्रसन्न होगी। अक्षय तृतीय पर सोनी की खरीदारी व दान-पुण्य का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किए गए कार्य का कभी क्षय नहीं होता।
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इसलिए विशेष है अक्षय तृतीया
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अक्षय तृतीया विशेष
- इस दिन किए गए दान पुण्य का अक्षय फल प्राप्त होता है।
- अक्षय तृतीया के दिन भगवान नारायण जन्मोत्सव भी मनाया जाता है।
- अक्षय तृतीया के दिन ही 10 महाविधाओं में मातंगी महाविधा की भी जयंती मनायी जाती है।
- काशी में त्रिलोचन महादेव की दर्शन यात्रा भी इसी दिन शुरू होती है।
- इस दिन को गर्मियों की धनतेरस भी कहा जाता है।
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अक्षय तृतीया पर गंगा स्नान
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अक्षय तृतीया विशेष
मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन मां गंगा स्वर्ग लोग से पृथ्वी पर आईं थीं। इसी लिए इस दिन गंगा स्नान की विशेष महत्व है। यही कारण है कि गंगा घाटों पर तृतीया के श्रद्धालुओं का तांता लगता है।
मांगलिक कार्यक्रमों के लिए शुभ है तृतीया
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अक्षय तृतीया विशेष
अक्षय तृतीया पर अबूझ मुहूर्त होने के कारण किसी भी मांगलिक कार्यक्रम के लिए यह सबसे उत्तम मुहूर्त है।
इस दिन बिना पंडित से बिचारे शुभ कार्य किया जा सकता है।
- इस दिन भगवान नारायण का पूजन करें।
- गंगा स्नान अवश्य करें।
- महिलाएं मां गौरी का विधि-विधान से पूजन करें।
- सोने की खरीदारी करें।
- दान-पुण्य अवश्य करें।