वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया यानी अक्षय तृतीया आज है। इस दिन स्वयं सिद्ध मुहूर्त को लेकर शहरों में काफी हलचल व उत्साह दिख रहा है। मांगलिक कार्यक्रमों के लिए बाजार सजे और ग्राहकों से पटे नजर आए।
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अक्षय तृतीया विशेष
अक्षय तृतीया को आखा तीज के नाम से भी जानते हैं। ज्योतिष शास्त्रों के हिसाब से अक्षय का अर्थ है कि कभी न क्षय होने वाला। इस दिन कोई भी साधना, हवन, जप व तप हो, उसका फल जातकों को अवश्य मिलता है। इस दिन घर की लक्ष्मी अपने परिवार की खुशियों के लिए पूर्वजों का पूजन करती है। इस दिन लक्ष्मी जी को घर बुलाने केलिए पूजन होता है। इसके अलावा विवाह, हवन पूजन, मुंडन, गृह प्रवेश आदि आयोजन होते हैं। इन्हीं आयोजनों को देखते हुए इन दिनों जिले के बाजार ग्राहकों से पटे हैं। कपड़ों से लेकर सोने-चांदी और पूजन सामग्री से लेकर सौंदर्य प्रसाधन की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ रही। ज्योतिष के जानकार उमाकांत अवस्थी का कहना है कि इस दिन किया गया दान, पूजन, साधना सब पूर्ण होता है।
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अक्षय तृतीया विशेष
चार अभिजीत मुहूर्त में से एक है अक्षय तृतीया
भारतीय कालगणना के अनुसार चार स्वयं सिद्ध अभिजीत मुहूर्त में से एक है अक्षय तृतीया। बताया गया कि अक्षय तृतीया यानी आखा तीज को मिलाकर चार ऐसे मुहूर्त हैं जिनमें कोई भी मांगलिक कार्य शुभ माने जाते हैं। इनमें चैत्र शुक्ल की प्रतिपदा, दशहरा व दीपावली को भी अभिजीत मुहूर्त में शामिल किया जाता है।
इसी मुहूर्त से माना जाता है त्रेतायुग का प्रांरभ
इसी दिन से खुलते रहे हैं बद्री नारायन के कपाट
वृंदावन के बांके बिहारी के दरबार में विग्रह के चरण दर्शन
विष्णु अवतार श्री परशुराम का अवतार इसी दिन
सबसे अधिक विवाह आयोजन
गंगा स्नान का भी काफी महत्व