चाचा-भतीजे से शुरू हुई पारिवारिक कलह समाजवादी पार्टी में फूट और फिर तोड़फोड़ का सबसे बड़ा कारण बनी है। विकास के बलबूते दोबारा सरकार बनाने का दावा कर रहे अखिलेश यादव ने शायद ये नहीं सोचा होगा कि जनता का रुझान भाजपा और मोदी की ओर तेजी से बढ़ता जा रहा है।
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सपा की हार के ये हैं 5 सबसे बड़े फैक्टर
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भाजपा नेताओं की मानें तो सपा में फूट और फिर कांग्रेस से गठबंधन के बाद जनता का विश्वास सपा से उठ गया था। बसपा तो पहले से ही किसी लाइन में नहीं थी। काउंटिंग के ताजा रुझान बता रहे हैं कि भाजपा 300 के आसपास के आंकड़े पर जाकर रुकेगी और यूपी में इतिहास बनाएगी।
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सपा की हार के ये हैं 5 सबसे बड़े फैक्टर
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सपा और कांग्रेस भले ही गठबंधन के सहारे वोटों के गणित का आंकड़ा पेश कर रहे थे लेकिन नतीजे सबके सामने हैं। सपा-कांग्रेस गठबंधन का हालत एकदम खराब हो गई। सत्ता से अखिलेश के दूर होने का कारण माना जा रहा है मुलायम परिवार में घमासान और फिर सपा सरकार के मंत्रियों के एक के बाद एक विवाद में आते जाना।
सपा की हार के ये हैं 5 सबसे बड़े फैक्टर
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पारिवारिक घमासान से उबरकर अखिलेश ने खुद की छवि पेश तो की लेकिन एंटी इंकमबेंसी फैक्टर का उन्हें सामना करना पड़ा। चुनाव के दौर में मंत्री गायत्री प्रजापति का रेप केस में नाम आना और फिर फरार रहने को लेकर भी अखिलेश सरकार सवालों के घेरे में आई।
दूसरी ओर पीएम नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और गृहमंत्री राजनाथ सिंह की ताबड़तोड़ रैलियों ने मतदाताओं को भाजपा के प्रति एकजुट कर लिया था। राजनाथ ने दो दिन पहले दिए एक इंटरव्यू में ये कहा था कि भाजपा 250 से ऊपर सीटें ला रही है। परिणाम उससे भी ज्यादा चौंकाने वाले हैं।