समाजवादी पार्टी में घमासान मचा हुअा है। पार्टी के मुखिया अाैर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव ने उन्हें और अपने भाई प्राे. रामगोपाल यादव को पार्टी से 6 साल के लिए निकाल दिया है। मुलायम का कुनबा देश का सबसे बड़ा राजनीतिक घराना माना जाता है। मुलायम ने शुक्रवार काे अपने भाई शिवपाल का साथ भले ही दिया हाे, लेकिन एक वक्त एेसा भी था जब अखिलेश अपने पापा अाैर चाचा दाेनाें के ही लाडले थे। देखिए अखिलेश के बचपन से लेकर सीएम बनने तक की खास तस्वीरें...
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अखिलेश यादव का बचपन
- फोटो : अमर उजाला कानपुर
अखिलेश का जन्म एक जुलाई 1973 को इटावा में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा इटावा में हुई, जबकि इसके बाद वह राजस्थान के धौलपुर स्थित सैनिक स्कूल में चले गए थे। शुरू से ही तेज दिमाब के अखिलेश ने मैसूर यूनिवर्सिटी से एनवायरमेंटल टेक्नोलाॅली में ग्रेजुएशन किया अाैर ऑस्ट्रेलिया के सिडनी यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन।
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अखिलेश यादव व डिंपल यादव
- फोटो : अमर उजाला कानपुर
अखिलेश की शादी 24 नवंबर 1999 को डिंपल के साथ हुई थी। उनके तीन बच्चे हैं। अदिति, टीना और अर्जुन। अखिलेश ने पहली बार वर्ष 2000 में कन्नौज लोकसभा सीट से उपचुनाव जीता और राजनीति में एक्टिव हुए। यह सीट पिता मुलायम सिंह यादव के इस्तीफे से खाली हुई थी। अखिलेश यादव साल 2000-2004, 2004-2009, 2009-2012 तक तीन बार सांसद रहे। उन्हें 2012 में मुलायम सिंह यादव ने प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया था।
स्कूल में मार दिया सांप
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स्कूल के दिनाें में अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala kanpur
अखिलेश बचपन से ही बेहद शर्मिले स्वभाव के थे, लेकिन उनका दिमाग काफी तेज था। अगर वो किसी चीज पर अड़ जाते थे तो वो फिर वही करते थे जो उनका मन होता था। बचपन में वो इटावा में रहते थे तो अपने दाेस्ताें के साथ खूब खेलते थे। वह जब मिलिट्री स्कूल में गए ताे उनका वजन उस समय महज 25 किलोग्राम के करीब था। कमजोर दिखने वाले अखिलेश उस समय स्कूल में हीरो बन गए, जब उन्होंने एक सांप को एक छड़ी से मार दिया। स्कूल में सांप होने की वजह से बच्चे डरते थे।
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साइकिल से स्कूल छाेड़ते थे चाचा शिवपाल
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अखिलेश व शिवपाल सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला कानपुर
मुख्यमंत्री अखिलेश जब इटावा के सेंट मैरी स्कूल में पढ़ते थे ताे उनके देखभाल का पूरा जिम्मा चाचा राजपाल और शिवपाल ही उठाते थे। शिवपाल अाैर राजपाल अखिलेश काे स्कूल छोड़ने के लिए साइकिल से ले जाते थे। इस दौरान चाचा शिवपाल उन्हें टॉफी और कंपट भी लेकर देते थे। साल 1982 की बात है जब अखिलेश यादव सिंधिया स्कूल में एडमीशन लेने गए तो स्कूल ने उनका एडमीशन लेने से मना कर दिया था। इस बात से चाचा शिवपाल बेहद नाराज हुए थे। लाडले के दाखिले के लिए उन्हाेंने भाई मुलायम से बात की अाैर पढ़ाई के लिए धौलपुर मिलिट्री स्कूल में दाखिला दिलवाया। उस दाैरान मुलायम सिंह राजनीति में काफी सक्रिय रहते थे। ऐसे में पूरी देखभाल का जिम्मा शिवपाल संभालते थे।
मुलायम सिंह यादव से मिलने के लिए लाइन में लगे अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala kanpur
बात उन दिनों की है जब अखिलेश यादव राजस्थान के धौलपुर के मिलिट्री स्कूल में पढ़ाई कर रहे थे। तब मुलायम सिंह यादव को यूपी के मुख्यमंत्री की हैसियत से स्कूल में बुलाया गया था। एक तरह से वह पहली बार अपने बेटे से मिलने स्कूल गए थे। स्कूल का पूरा लाव-लश्कर मुलायम सिंह की आगवानी में लगा हुआ था। उनका हेलिकॉप्टर स्कूल के मैदान में उतरा, तो सीनियर क्लास के बच्चे उनके स्वागत के लिए एक कतार में पंक्तिबद्ध खड़े थे, ताकि मुलायम सिंह बारी-बारी से उनसे मिल सकें। स्कूल के शिक्षक यह देखकर हैरान रह गए कि अखिलेश यादव भी अपने पिता से मिलने के लिए कतार में सावधान की मुद्रा में खड़े हैं। स्कूल के एक स्टाफ ने इसकी तस्वीर भी कैमरे में कैद कर ली। कार्यक्रम के दौरान भी अनुशासन का पालन करते हुए वह छात्रों के लिए तय स्थान पर ही बैठे रहे। अखिलेश जब ऑस्ट्रेलिया में पढ़ रहे थे। मुलायम सिंह तब रक्षा मंत्री थे।