कानपुरः सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा के चुनावी मुद्दों के सवाल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तंज कसा कि वह बंदर भगाने के लिए हनुमान चालीसा पढ़ने के लिए कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव का समय है, विकास और असली मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। सपा प्रमुख ने कांग्रेस और भाजपा को एक जैसा बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने शौचालय का एक गड्ढा खुदवाया था और भाजपा दो खुदवा रही है। राम मंदिर पर सपा के स्टैंड के मामले में अखिलेश यादव ने सवाल अनसुना कर दिया।
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अखिलेश यादव
अखिलेश यादव रविवार को एक वैवाहिक समारोह में कैंट स्थित मंटोरा हाउस आए थे। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि कनपुरियों को दुख तो होता होगा कि मेट्रो नहीं चल पाई। वह भी यही सोच कर आए थे कि मेट्रो से चलेंगे। अखिलेश ने कहा कि भाजपा चाहती है कि गरीबी, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार पर बहस न हो। जानबूझकर ऐसे मुद्दे लाते हैं। असली भगवान तो विकास है। रसूलाबाद में नोटबंदी के दौरान पैदा हुए खजांची का जैसा घर बना वैसा पांच लाख गरीबों का बनना चाहिए। उद्यमी, व्यापारी डर रहे हैं। मॉब लिचिंग हो रही है।
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डेमो पिक
इसके पहले अखिलेश सपा के पूर्व नगर अध्यक्ष हाजी फजल महमूद के बेटे अहमर फजल मून के वैवाहिक समारोह में शिरकत करने के लिए दूधवाला बंगला सिविल लाइंस गए। यहां से तिलकनगर स्थित रौनक टंडन के यहां मिलने गए। सुबह सपाई गंगापुल, जाजमऊ में अखिलेश यादव के स्वागत के लिए इकट्ठे रहे, लेकिन काफिला रुका नहीं।
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डेमो पिक
अखिलेश यादव ने कहा कि बदमाशों को फर्जी तरीके से गोली मारी जा रही है। पहली बार इतनी संख्या में पुलिसवालों को भी गोली लगी। मुख्यमंत्री जब ठोंकने वाली बात करेंगे तो ऐसा ही होगा। पश्चिमी यूपी में इतने एनकाउंटर हुए, क्या अपराध कम हुआ? धोखा देने के लिए फर्जी एनकाउंटर किए जा रहे हैं। कमीशनखोरी हो रही है। हर तरफ से उंगली उठ रही। आयोगों की सबसे अधिक नोटिसें इसी सरकार को मिली हैं।
सेल्फी लेना हो तो लखनऊ आना
हाजी फजल महमूद के घर सपाइयों की भीड़ से अफरातफरी पर अखिलेश यादव नाराज हो गए। इसी तरह सपाइयों की भीड़ ने कैंट में धक्कामुक्की की। कुछ नेता अखिलेश के साथ सेल्फी लेने के चक्कर में एक-दूसरे को धकियाते रहे। इस पर उन्होंने कहा कि सेल्फी लेना हो तो लखनऊ आना।