कश्मीर घाटी में सर्च आपरेशन के दौरान पाकिस्तान सेना की गोली लगने से शहीद हुए कन्नौज के लाल पंकज के गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। परिवारीजन समेत पूरा गांव शव आने के इंतजार में है। इसी बीच शहीद के घर पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने परिजनों को सांत्वना दी।
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अखिलेश यादव शहीद पंकज के परजिनों से बातचीत करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
जिला मुख्यालय से सटे गांव गंगधरापुर निवासी पंकज दुबे (20) पुत्र शांति स्वरूप दुबे भारतीय सेना में रेडियो आपरेटर के पद पर तैनात थे। जम्मू कश्मीर के तंगधार में सर्च आपरेशन के दौरान पाकिस्तान की ओर हुई गोलीबारी में सिर में गोली लग गई थी।
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अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
चार मार्च को पंकज ने इलाज के दौरान ऊधमपुर में दम तोड़ दिया। पंकज के शहीद होने से परिजनों का हाल बेहाल है। शनिवार को पत्नी डिंपल यादव के नामांकन के बाद पूर्व सीएम अखिलेश यादव पंकज के घर पहुंचे। उन्होंने पंकज के दिव्यांग पिता शांति स्वरूप और दिव्यांग भाई जवाहर लाल को सांत्वना दी।
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मायूस बैठे पंकज के पिता शांति स्वरूप
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि पंकज की शहादत को पूरा देश याद रखेगा। पंकज के परिवार को उनकी ओर से हर संभव मदद की जाएगी। प्रदेश सरकार से एक करोड़ रुपये और शहीद परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी देने की मांग की। आचार संहिता के कारण परिवार को कोई मदद न कर पाने पर अफसोस जताया।
घर में रोती पंकज की मां और बहन रूचि
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा, चुनाव के बाद परिवार की हर संभव मदद की जाएगी। वहीं शहीद के भाई रामू दुबे ने बताया कि शनिवार को ऊधमपुर से दिल्ली पंकज का शव लाया गया है। शनिवार देर रात तक पंकज का शव गांव पहुंचने की आर्मी के अधिकारियों ने जानकारी दी है।