हिंसा में मारे गए युवकों के परिजनों से मिलने कानपुर पहुंचे सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में ज्यादातर की जान पुलिस की गोली से गई है। सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज से इसकी जांच कराई जानी चाहिए।
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हिंसा में मारे गए उपद्रवी की मां को चेक सौंपते अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
बाबूपुरवा में गोली लगने से मरे रईस, सैफ और आफताब के घरवालों से अखिलेश ने बृहस्पतिवार को बाबूपुरवा चार रॉड स्थित एक मकान में मुलाकात की। तीनों पीड़ित परिवारों को पांच-पांच लाख का चेक दिया और आगे भी मदद का वादा किया। कहा कि सरकार को भी पीड़ित परिवारों की मदद करनी चाहिए।
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हिंसा में मारे गए मृतकों के परिजनों से मिलते अखिलेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
बोले कि एनआरसी के कागज तो वे भी नहीं बनवा पाएंगे। इन्हीं वजहों से आम आदमी भी परेशान है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी घेरा और कहा कि प्रदर्शन के दौरान सीएम ही बोले थे कि बदला लेंगे, ठोंको। क्या बदला लेने से लोकतंत्र मजबूत होगा।
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अखिलेश ने पांच पांच लाख का दिया चेक
- फोटो : अमर उजाला
सपा मुखिया ने सवाल उठाया कि कुछ ही जिलों में क्यों माहौल बिगड़ा? पुलिस ने जानबूझ कर माहौल खराब किया। जहां अफसरों ने सूझबूझ से काम लिया, वहां कुछ नहीं हुआ। मेरठ, कानपुर और लखनऊ में ही जानें गईं। सरकार जाति, धर्म के आधार पर नागरिकता तय नहीं कर सकती। सीएए जब लागू होगा तो और अधिक विरोध होगा।
लोगों में नजर आया गजब का उत्साह
- फोटो : अमर उजाला
सीएए से जो बदनामी हो रही है, उससे प्रदेश में कोई निवेश नहीं होगा, चाहे जितनी इन्वेस्टर्स मीट कर लें। उन्होंने कहा कि जो पीड़ित हैं उन्हीं के खिलाफ मुकदमा किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज में सारे रिकार्ड मौजूद हैं। जिन पर झूठे मुकदमे लगे हैं सपा उनके साथ है। फिर सत्ता में आएंगे, झूठे मुकदमे वापस होंगे।