दहशतगर्द विकास दुबे का गुर्गा जयकांत बाजपेई बिकरू कांड से ठीक एक दिन पहले एक जुलाई को बिकरू गांव नहीं गया था। उसकी मोबाइल लोकेशन से यह पता चला है। एक जुलाई को उसकी लोकेशन बिल्हौर में थी जबकि गिरफ्तारी के वक्त पुलिस का कहना था कि जय ने बिकरू गांव जाकर कारतूस और दो लाख रुपये विकास को दिए थे।
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विकास दुबे कांड में जय की पत्नी का भी आया नाम
- फोटो : amar ujala
लोकेशन न मिलने से सवाल है कि आखिर जय ने पैसे व कारतूस विकास तक कब और कैसे पहुंचाए। पुलिस ने बिकरू कांड में साजिश में शामिल रहने, वारदात के लिए कारतूस व दो लाख रुपये विकास को देने के आरोप में ब्रह्मनगर निवासी जयकांत बाजपेई को जेल भेजा था।
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गैंगस्टर जय बाजपेई और विकास दुबे
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तब पुलिस का कहना था कि जय अपने साथी प्रशांत शुक्ला के साथ एक जुलाई को बिकरू गया था और वहीं उसने विकास को कारतूस और पैसे दिये थे लेकिन अब उसकी लोकेशन न मिलने का पता चला।
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विकास दुबे: जय की पत्नी श्वेता
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इस पर पुलिस अफसर बयान से बच रहे हैं। उनका कहना है कि ये विवेचना का पार्ट है, जो गोपनीय है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जय मोबाइल कहीं और छोड़कर बिकरू गया था। या फिर रुपये व कारतूस का लेनदेन कहीं और हुआ।
विकास के खजांची जय बाजपेयी को भेजा गया था जेल
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साजिश में शामिल, वाहन कराए थे मुहैया
चार्जशीट में जय और विकास के बीच हुई बातचीत को साबित करने को सीडीआर लगाई गई है। पुलिस का आरोप है कि वारदात के बाद विकास व अन्य आरोपियों को फरार कराने के लिए जय ने पहले से ही गाड़ियां तैयार कर रखी थीं।