दीपावली की रात बाग ठेकेदार को गला रेतकर मारने के बाद खून से सना छुरा लेकर खुद ही थाने पहुंच गया और पुलिस के सामने वारदात कबूल कर ली। घटनास्थल की तस्दीक के बाद पुलिस ने उसे जेल भेज दिया। मामला यूपी के फतेहपुर जिले का है।
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दिलशाद की झोपड़ी में ग्रामीणों की लगी भीड़।
फतेहपुर शहर कोतवाली क्षेत्र के निबहरा मसवानी मोहल्ला निवासी मोहम्मद शरीफ उर्फ लल्लू का परिवार 22 साल से हुसैनगंज थाने के मिश्रामऊ गांव निवासी बाबूलाल लोधी की अमरूद की बाग का ठेका लिए है। कई सालों से मोहम्मद शरीफ का बेटा दिलशाद (25) बाग की देखभाल कर रहा था। वह बाग में ही झोपड़ी बनाकर रहता था। मिश्रामऊ गांव निवासी बसंत लाल सूरत में नौकरी करता है। बसंत ने बताया कि उसे पत्नी और दिलशाद के बीच अवैध संबंध की सूचना ग्रामीणों से मिली थी। वह त्योहार पर छुट्टी लेकर घर आया है। दिवाली की रात करीब आठ बजे वह दिलशाद की झोपड़ी में पहुंचा। त्योहार मनाने के बहाने दिलशाद को साथ ले गया।
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एसपी आवास पहुंचे दिलशाद के परिजन।
चंद्रपाल के धान के खेत में बैठकर दोनों ने शराब पी। शौच के बहाने रमेंद्र के ट्यूबवेल के पास पहुंचा। वहां फिर दिलशाद को शराब पिलाई। रात करीब दस बजे नशे में देखकर दिलशाद की पीठ में छुरा भोंक दिया। दिलशाद खेत में गिर पड़ा तो छुरे से ही उसका गला देत दिया। इसके बाद लाश छोड़कर घर चला गया। उसने पत्नी को घर जाकर सारी दास्तां बताई और शुक्रवार की भोर छुरे के साथ थाने पहुंचा। उसने पुलिस के सामने दिलशाद की हत्या कबूल की।
बसंत लाल का कहना है कि पत्नी को दिलशाद परेशान करता था। इसी वजह से उसकी हत्या की है। सूचना पर अपर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार, सीओ सिटी कपिल देव मिश्रा मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने खून के नमूने लिए। थाना प्रभारी उदयवीर सिंह ने बताया कि जांच में यह सामने आया कि दिलशाद और पत्नी के बीच अवैध रिश्ते की खुन्नस में बसंत लाल ने हत्या की है।