बांदा जिले के बंगालीपुरवा में 28 वर्षीय महिला की हत्या कर शव खेत में फेंक दिया। शरीर पर कपड़े नहीं थे। गले और दायीं आंख में गहरे घाव थे। पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। दो डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया है।
दुष्कर्म की आशंका के मद्देनजर स्लाइड बनाई गई है। उधर, पति फरार बताया गया है। महिला की मां ने पति और सास के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने सास को हिरासत में लेकर पति की तलाश कर रही है।
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मौके पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
बदौसा थाना क्षेत्र के बंगालीपुरवा में सोमवार की सुबह गांव के लोग जंगल की तरफ गए तो सुनसान इलाके में सुनीता पत्नी भैरमदीन का शव पड़ा देखा। शरीर पर सिर्फ ब्लाउज था। गले में घाव और दाहिनी आंख भी जख्मी थी। शरीर पर कुछ और चोट के निशान नजर आ रहे थे।
नजदीक में ही शराब और पानी के खाली पाउच पड़े थे। शव सुनीता की ससुराल से करीब 300 मीटर दूरी पर पड़ा था। ग्रामीणों की सूचना पर आई पुलिस ने जांच पड़ताल की। प्रभारी निरीक्षक अरविंद सिंह गौर ने पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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मौके पर लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
दोपहर बाद पुलिस अधीक्षक डॉ. एसएस मीणा और अपर एसपी महेंद्र प्रताप ने शव पड़े होने वाले स्थल और मृतका के घर का निरीक्षण किया। ताला तुड़वाकर घर की जांच की तो वहां टूटी चूड़ियां और सिर के बाल पड़े मिले। पुलिस ने इन सबको सीलकर कब्जे में ले लिए हैं।
उधर, क्षेत्राधिकारी अतर्रा सत्यप्रकाश शर्मा भी घटनास्थल पहुंचे। मृतका का मोबाइल फोन पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया, लेकिन वह स्विच ऑफ है। मृतका का पति फरार है। पुलिस ने सास रानीबाई से पति भैरमदीन के बारे में पूछा तो उसने बताया कि दो दिन पहले बाहर गया था।
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बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
अतर्रा के बिसंडा रोड निवासी महिला की मां मतिया ने पति भैरमदीन और सास रानीबाई पर धारा 498ए, 304बी और 3/4 दहेज एक्ट की रिपोर्ट दर्ज कराई है। उधर, मेडिकल कॉलेज में दो डॉक्टरों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया। दुष्कर्म की जांच के लिए स्लाइड बनाकर लैब भेजी गई है।
बेटी होने के बाद से ही शुरू हुआ उत्पीड़न
सुनीता की शादी 2015 में हुई थी। उसके एक बेटी है। बहन पार्वती ने बताया कि बेटी पैदा होने के बाद से ही ससुराल में पति का रवैया सुनीता के प्रति बदल गया था। आए दिन उत्पीड़न और प्रताड़ित करता था। सुनीता ने तंग आकर न्यायालय में भरण-पोषण का मुकदमा दायर कर दिया था, जो विचाराधीन है। सुनीता मजदूरी करके पेट पाल रही थी। पुत्री को मायके भेज दिया था।