फतेहपुर के किशनपुर और मढ़ौली घाट पर बांदा हादसे के लापता लोगों के उतराते शव मिलने के बाद क्रेडिट लेने की होड़ लग गई। बांदा और फतेहपुर जिला प्रशासन कुछ देर के लिए आमने-सामने आ गए हैं। मामला बढ़ा तो उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप से सुविधानुसार शवों के पोस्टमार्टम व अन्य प्रक्रियाएं पूरी कराने पर बात बनी। जनपद के मर्का यमुना घाट पर 11 अगस्त को उस समय बड़ा नाव हादसा हो गया था जब नाव में सवार होकर करीब दर्जनों लोग फतेहपुर के विभिन्न गांव में रक्षाबंधन त्योहार मनाने जा रहे थे। नाव जैसे ही यमुना नदी की बीच धारा में पहुंची, उसकी पतवार टूट गई और नाव लहरों के बीच में यमुना की जल धारा में समा गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हादसे के दौरान नाव पर करीब 50 लोग सवार थे जिसमें 15 लोग तैरकर निकल गये थे। तीन और लोगों के शव बरामद हुए हैं। अब तक 12 शव मिल चुके हैं।
घटना के वक्त नाव में ज्यादातर महिलाएं-बहनें थी, जो भाइयों को राखी बांधने जा रही थी। कुछ भाई ऐसे भी थे, मर्का कस्बे के आसपास गांव से राखी बंधवाकर वापस अपने घरों को जा रहे थे। नाव हादसा होने के बाद लगातार बांदा प्रशासन की ओर से राहत और बचाव कार्य किए जा रहे हैं। डीएम अनुराग पटेल और एसपी अभिनंदन पुलिस बल, एनडीआरएफ और एसडीआरफ टीमों के साथ लापता लोगों की तलाश करने में जुटे हैं।