गंगा को प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए अडानी की कंपनी सहित 6 कंपनियां आगे आई हैं। इन कंपनियों की टेक्निकल बिड खुल गई है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन में इसका अध्ययन शुरू हो गया है। माह के अंत तक कंपनी का नाम तय होने और जुलाई से कार्य शुरू होने की संभावना है।
ठेका लेने वाली कंपनी पनका में 30 एमएलडी (तीन करोड़ लीटर रोज) क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाएगी और इस एसटीपी सहित शहर में संचालित हो रहे सभी एसटीपी और सभी सीवेज पंपिंग स्टेशनों का 15 साल तक अनुरक्षण, सर्विसिंग और सुचारु क्रियाशीलता (सीएमसी) का जिम्मा लेगी। इस कार्य की अनुमानित लागत 967 करोड़ रुपये है। इस खर्च के साथ ही बिजली का खर्च भी एनएमसीजी वहन करेगी। नमामि गंगे परियोजना के तहत तैयार योजना के तहत ग्राम पनका में तीन करोड़ लीटर क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनना है। पनकी पावर थर्मल प्लांट नाला और आईसीआई नाले को टैप कर इसी प्लांट में ले जाना है। यह प्लांट पीपीपी मॉडल पर बनेगा। इसे बनाने वाली कंपनी ही 15 साल तक इसका मेंटीनेंस भी करेगी।