हिजबुल के आतंकी यूपी के एक शहर को दहलाने की पूरी योजना बना चुके थे। ये शहर है उद्योगनगरी कानपुर। शहर को दहलाने के लिए कश्मीर से एके 47 आने वाली थी। पकड़े गए हिजबुल आतंकी कमरुज्जमा उर्फ डॉ. हुरैरा ने एटीएस की गिरफ्त में आने से ठीक पहले ब्लैक बेरी मैसेंजर के जरिए कश्मीर में बैठे अपने आका से जल्दी ‘सामान’ भेजने को कह रहा था। मोबाइल से मिले एक ऑडियो में भी कमरुज्जमा एके 47 जल्दी भेजने के लिए कश्मीर में बैठे हिजबुल के दूसरे साथी पर दबाव बना रहा है। इसका इस्तेमाल गणेश चतुर्थी के मौके पर जुटने वाली भीड़ के ऊपर किया जा सकता था।
आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि कमरुज्जमा मोबाइल का इस्तेमाल फोन काल करने के लिए काफी कम करता था। वह हिजबुल के साथियों से बात करने के लिए ब्लैक बेरी मैसेंजर का इस्तेमाल करता था। ब्लैक बेरी मैसेंजर में भी सिर्फ दो लोगों के कांटेक्ट पिन सेव थे।
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दो और साथियों की एटीएस कर रही है तलाश
आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि पकड़ा गया आतंकी कमरुज्जमा के ब्लैक बेरी मैसेंजर में भी सिर्फ दो लोगों के कांटेक्ट पिन सेव थे। पहला कश्मीर में बैठे उसके आका ओसामा बिन जावेद का और दूसरा ओसामा द्वारा बताए गए साथी का, जिसे कमरुज्जमा के लिए फंड की व्यवस्था और सामान की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी थी। उन्होंने बताया कि दो सितंबर को कमरुज्जमा अवध-आसाम एक्सप्रेस से लखनऊ उतरा और यहां से बस से कानपुर पहुंचा। इस दौरान कानपुर में रुके उसके एक साथी से ब्लैक बेरी मैसेंजर के जरिए लगातार बात हो रही थी। कानपुर पहुंचने के बाद उसने कलेक्टर गंज में सिद्घिविनायक मंदिर की रैकी की और उसका वीडियो बनाकर अपने आका को भेजा। कानपुर में कमरुज्जमा की मदद करने वाले उसके दो अन्य साथी जो लगातार उसके साथ थे, वह फरार हैं। कहा जा रहा है कि दोनों ही युवक यूपी के ही रहने वाले हैं। हालांकि इनकी अभी तक शिनाख्त नहीं हो सकी है।
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कानपुर को दहलाने के लिए कश्मीर से आने वाली थी एके 47
सूत्रों का कहना है कि कानपुर आने के बाद दो-दो दिन के लिए कमरुज्जमा और उसके दोनों साथी गायब हो जाते थे। कहां जाते थे, किससे मिलते थे और क्या करते थे, इस बारे में कमरुज्जमा से पूछताछ की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कमरुज्जमा कम बातचीत करता था जबकि बाकी दोनों साथी साफ हिंदी बोलते थे और बातचीत करते थे।
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आतंकी के मोहल्ले में दहशत का माहौल, पड़ोसी हैरान
एटीएस की गिरफ्त में आए कमरुज्जमा से पूछताछ के लिए असाम पुलिस के अलावा एनआईए और एयरफोर्स इंटेलीजेंस एजेंसी पूछताछ कर रही है। मामला कानपुर के चकेरी का हाने जहां एयरफोर्स का बेस है, के कारण एयरफोर्स इंटेलीजेंस भी सक्रिय हो गई है और पूछताछ कर रही हैँ।
वहीं असाम पुलिस ने दो संदिग्ध को गिरफ्तार किया है। इसमें एक का नाम शहनवाज आलम और दूसरे का नाम सईदुल आलम है। दोनों ही असाम के दक्षिण जरायन केरहने वाले हैं। सूत्रों का कहना है कि कमरुज्जमा के पास जो पैसे आए उसके लिए असाम के ही एक व्यक्ति का एकाउंट नंबर इस्तेमाल किया गया। इस खाते में पहले एक लाख रुपये और फिर 30 लाख रुपये डाले गए। जिसे कमरुज्जमा ने खर्च कर दिए। पकड़ें जाने के समय उसके पास से 10.50 हजार रुपये नगद बरामद हुए थे। कमरुज्जमा का साथी ओसामा बिन जावेद कहां है, इसके बारे में भी सुरक्षा एजेंसियां पता लगाने की कोशिश कर रही है। सूत्रों का कहना है कि वह कश्मीर के ही किश्तवाड़ में हिजबुल का स्थानीय कमांडर बन गया है।