हमीरपुर मुख्यालय में हाईवे से सटे रानी लक्ष्मीबाई तिराहा मोहल्ले में परिवार के चार और एक रिश्तेदार की हत्या करने वाले आरोपी बड़े बेटे नफीस को शनिवार को पुलिस ने जेल भेज दिया। जेल भेजने से पहले पुलिस आरोपी को सामूहिक हत्याकांड को अंजाम देने वाले उसके घर पर ले गई। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर जलाए गए खून से सने उसके अंडरवियर व बनियान की राख भी बरामद की।
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हत्यारे भाई को देख बेसुध हो गईं बहनें
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान मौके पर मौजूद आरोपी की पत्नी और बच्चों को देखकर उसकी आंखें भर आईं, जबकि बदहवाश पिता ने उसे देखते ही मुंह फेर लिया। गौरतलब हो कि रानी लक्ष्मीबाई तिराहा मोहल्ले के पास स्थित नूरबख्श के मकान से बृहस्पतिवार की देर शाम पांच शव बरामद किए गए थे। जिसमें नूरबख्श का छोटा पुत्र रईस (30), बहू रोशनी खातून (28), मां शकीना (85), नातिन आलिया (3) और नातिन रोशनी (15) के शव थे।
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घटनास्थल पर सबूत तलाश करती पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
जिन्हें हथौड़ा से प्रहार कर मौत के घाट उतारा गया था। सभी के सिर कुचले हुए थे। घर की गैलरी से लेकर अलग-अलग कमरों में रक्तरंजित शव देखकर पुलिस अधिकारियों को भी पसीना आ गया था। शुक्रवार को सामूहिक नरसंहार को लेकर कानपुर के एडीजी प्रेम प्रकाश ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे दिन घटना की छानबीन की। घटना के करीब 20 घंटे बाद तीन डॉक्टरों के पैनल से शवों का पोस्टमार्टम कराया गया था।
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घटनास्थल पर पुलिस अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के हाथ साक्ष्य लगते ही नूरबख्श के बड़े बेटे नफीस को गिरफ्तार कर लिया गया था। शुक्रवार देर शाम एडीजी प्रयागराज एसएन साबत ने इस घटना का खुलासा किया था। खुलासे में घटना की मुख्य वजह आरोपी द्वारा मांगे गए भोजन को लेकर व संपत्ति के विवाद में एक-एक कर पांच लोगों को मौत के घाट उतारने की बात उभरकर सामने आई थी। घटना के बाद से नूरबख्श बदहवास हालात में है।
पांच लोगों की हत्या के बाद रोते बिलखते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
शनिवार को सदर कोतवाल केपी सिंह, सीओ सदर अनुराग सिंह फोर्स संग आरोपी नफीस को जेल भेजने से पहले उसे उसके घर ले गए। जहां उसने एक-एक कर पांच लोगों की बेरहमी से हत्या की थी। पुलिस ने घटना के बाद कपड़े जलाकर उसकी राख आरोपी के बताए गए स्थान से बरामद कर ली। इसके बाद पुलिस ने नफीस को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। सदर कोतवाल ने बताया कि बरामद कपड़ों की राख व अन्य साक्ष्य को परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला लखनऊ भेजा जाएगा।