पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीनी और भारतीय सैनिकों में हुई झड़प के बाद उत्तर प्रदेश से सटी भारत-नेपाल की खुली सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। हालांकि चीन की सीमा भारत के नेपाली एरिया से काफी दूरी पर है लेकिन इसके बाद भी एसएसबी कमांडेंट मुन्ना सिंह ने जवानों को नेपाल बॉर्डर पर सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
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भारत नेपाल बॉर्डर पर बढ़ी चौकसी
- फोटो : अमर उजाला
चीन से नेपाल बॉर्डर और नेपाल बॉर्डर से भारत बॉर्डर सटा होने के कारण भारत की तरफ से सीमा पर सख्ती बढ़ा दी गई है। भारत-नेपाल की 1751 किलोमीटर लंबी खुली सीमा है। इस बावत 39वीं वाहिनी एसएसबी कमांडेंट मुन्ना सिंह ने बताया कि बफर स्टेट नेपाल देश होने के कारण भारत-नेपाल सीमा पूर्णतया सुरक्षित है। भारत-नेपाल की सीमा पर पेट्रालिंग व चौकसी बढ़ा दी गई है। इस बीच सीमा पर किसी भी तरह की समस्या होने पर वाहिनी मुख्यालय के 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष को सूचित करने और उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देशों के अनुसार समस्या को शांतिपूर्वक हल करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
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भारत नेपाल बॉर्डर पर बढ़ी चौकसी
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एसएसबी का कहना है कि कि भारत व नेपाल की सीमा धारचूला के पास मिलती है जहां पर रानीखेत फ्रंटियर की 11 वाहिनी कार्यरत है वहां पर भी शांति का माहौल है। उन्होंने बताया कि धारचूला से लेकर सिलीगुड़ी फ्रंटियर तक नेपाल की सीमा पड़ती है जिसकी सुरक्षा सशस्त्र सीमा बल कर रही है। यह बल भारत भूटान की 699 किलोमीटर लंबी सीमा की सुरक्षा भी संभाल रहा है।
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भारत नेपाल बॉर्डर पर बढ़ी चौकसी
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तिकुनियां में नेपाल सीमा पर सीओ प्रदीप वर्मा निघासन ने एसएसबी के साथ मोहाना नदी नाव से पार कर सीमा पिलर का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बताया कि सभी पिलर सुरक्षित हैं। सीमा पर शांति व्यवस्था कायम है। फिलहाल अधिकारियों के दिशा-निर्देशन में सीमा पर पेट्रोलिंग का अभियान जारी रहेगा। इस दौरान नेपाल पुलिस के इंस्पेक्टर चंद्र देव भट्ट भी मौजूद रहे।
पलिया नेपाल बॉर्डर पर जायजा लेते डीएम शैलेन्द्र कुमार सिंह व एसपी पूनम
- फोटो : अमर उजाला
वहीं शासन के आदेश पर पीलीभीत से सटी नेपाल सीमा पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है। एडीजी ने बताया कि एसएसबी के साथ पुलिस को भी मूवमेंट बढ़ाने के लिए कहा गया है। खुफिया एजेंसियां भी सक्रिय कर दी गई हैं। कम्युनिस्ट सरकार बनने के बाद से नेपाल इन दिनों चीन के प्रभाव में है। चीन से भारत के रिश्ते खराब होने के बाद भारतीय और चीन के सैनिकों के बीच झड़प में करीब बीस भारतीय सैनिक शहीद हुए हैं। चीन के इससे ज्यादा सैनिक मारे गए हैं। ऐसे में चीन दबाव बनाने के लिए कोई नई चाल चल सकता है। ऐसे में नेपाल सीमा से खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।