सोशल मीडिया पर ट्रोल हुईं हर्षा रिछारिया यूपी के इस जिले की रहने वाली है। भगवा कपड़ों में अखाड़ों के साथ स्नान करने के बाद से कुंभ नगरी में विवाद छिड़ गया था।
हाल ही में सोशल मीडिया पर ट्रोल होने वालीं हर्षा रिछारिया मूल रूप से झांसी जिले के मऊरानीपुर कस्बे की रहने वाली हैं। भगवा कपड़ों में अखाड़ों के साथ स्नान करने के बाद से उन्हें लेकर कुंभ नगरी में विवाद छिड़ गया था। इसके चलते उन्होंने कुंभ नगरी छोड़ने तक का मन बना लिया था।
हर्षा मूल रूप से यू-ट्यूबर हैं। उनका जन्म झांसी के मऊरानीपुर में हुआ। बाद में उनका परिवार भोपाल चला गया। हर्षा अब उत्तराखंड में रहती हैं। हर्षा ने निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि से गुरु दीक्षा ली थी। मकर संक्रांति पर्व पर अखाड़ों के अमृत स्नान के दौरान हर्षा ने भगवा वस्त्र पहनकर गंगा में डुबकी लगाई।
विज्ञापन
2 of 11
हर्षा रिछारिया
- फोटो : इंस्टाग्राम
इसके बाद से महाकुंभनगरी में विवाद छिड़ गया। ज्योतिष पीठ पीठाधीश्वर एवं शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरनंद ने इसकी निंदा करते हुए इसे सनातन धर्म का अपमान बताया। उनके साथ ही शांभवी पीठाधीश्वर आनंद स्वरूप ने भी मोर्चा खोल दिया।
संतों के विरोध पर मामले ने पकड़ा था तूल
उन्होंने मॉडल हर्षा के भगवा वस्त्र पहनकर स्नान करने को त्याग की परंपरा को भोग की परंपरा में तब्दील होना ठहराया। संतों के विरोध की वजह से सोशल मीडिया पर भी मामले ने तूल पकड़ लिया। बृहस्पतिवार रात इन बातों पर दुख जताते हुए हर्षा ने कुंभ नगरी को छोड़ने का एलान कर दिया था।
विज्ञापन
3 of 11
संगम की रेती पर घूमती देखी गईं माॅडल हर्षा रिछारिया।
- फोटो : अमर उजाला।
'अपने गुरु को अपमानित होते नहीं देख सकती'
उन्होंने एक वीडियो के जरिये कहा कि एक युवा होने के नाते वह यहां सनातन धर्म को करीब से समझने आई थी, लेकिन वह अपने गुरु को अपमानित होते नहीं देख सकती। इस वजह से वह समय से पहले ही कुंभनगरी को छोड़कर यहां से जाने का मन बना रही हैं।
4 of 11
खुद को साध्वी बताने वाली हर्षा
- फोटो : इंस्टाग्राम-@host_harsha
स्वामी कैलाशानंद गिरि ने पूरे विवाद को ठहराया गैरजरूरी
उधर, आचार्य महमंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने इस पूरे विवाद को गैरजरूरी ठहराया। उनका कहना है कि जिस तरह से उनके अन्य अनुयायियों ने स्नान किया, उसी तरह से हर्षा ने भी स्नान किया था। उसे साध्वी की कोई दीक्षा नहीं दी गई है।
विज्ञापन
5 of 11
हर्षा रिछारिया
- फोटो : Amar Ujala
साध्वी वेश में संगम की रेती पर घूमती नजर आईं हर्षा
उधर, भगवा चोला ओढ़कर संन्यासिनी बनने का ढोंग फैलाने के आरोपों के बाद निरंजनी अखाड़े के आचार्य शिविर से आंखों में आंसू लेकर लौटने का दावा करने वाली मॉडल हर्षा रिछारिया शुक्रवार को महाकुंभ मेले में घूमती नजर आईं। वह सेक्टर 11 के पास तस्वीरों में कैद कर ली गईं। सेक्टर 11 हर्षा के गुरु निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि के शिविर के सामने है।
विज्ञापन
6 of 11
हर्षा रिछारिया
- फोटो : अमर उजाला
रो-रोकर महाकुंभ से जाने का वीडियो हुआ था वायरल
प्रथम अमृत स्नान में निरंजनी अखाड़े के आचार्य रथ पर हर्षा के साध्वी वेश में शाही सवारी करने का शांभवी पीठाधीश्वर स्वामी आनंद स्वरूप की ओर से विरोध किए जाने के बाद दो दिन पहले रो-रोकर महाकुंभ से वापस जाने का उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
विज्ञापन
7 of 11
हर्षा रिछारिया
- फोटो : Amar Ujala
साध्वी वेश में माथे पर त्रिपुंड और भगवा वस्त्र धारण कर महाकुंभ में शुक्रवार को मॉडल हर्षा रिछारिया गंगेश्वर पांटून पुल से आगे सेक्टर 11-12 के बीच सफेद रंग की कार पर सवार होकर निकलीं। सेक्टर 12 के पास उन्होंने गंगा दर्शन भी किया। तिलक लगाकर वह कार में मोबाइल पर चैटिंग करती रहीं।
8 of 11
हर्षा रिछारिया
- फोटो : इंस्टाग्राम-@host_harsha
आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद को का बहिष्कार करने की उठाई आवाज
इसी दौरान छायाकारों ने उन्हें कैमरे में कैद कर लिया। हर्षा की महाकुंभ में मौजूदगी की जानकारी मिलने पर शांभवी पीठाधीश्वर आनंद स्वरूप ने निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर कैलाशानंद को महाकुंभ से बाहर कर उनका बहिष्कार करने की संत समाज के बीच आवाज उठाई।
9 of 11
हर्षा रिछारिया
- फोटो : इंस्टाग्राम: @host_harsha
शांभवी पीठाधीश्वर ने आरोप लगाया कि कैलाशानंद को सनातन की संत संस्कृति और निरंजनी अखाड़े की परंपरा का ज्ञान नहीं है। मॉडल को भगवा वस्त्र में शाही सवारी कराकर उन्होंने परंपरा को धूमिल किया है। शांभवी पीठाधीश्वर ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने अखाड़ा परिषद और निरंजनी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी से मुलाकात कर स्वामी कैलाशानंद को आचार्य महामंडलेश्वर पद से हटाने और अखाड़े से बाहर करने का आग्रह किया है।
10 of 11
हर्षा रिछारिया
- फोटो : इंस्टाग्राम: @host_harsha
मां ने कहा- नहीं लेने दूंगी संन्यास
शांभवी पीठाधीश्वर ने बताया कि हर्षा की मां किरन रिछारिया ने उन्हें सुबह फोन पर बताया कि अगले महीने उनकी पुत्री की शादी होने वाली है। अपने जीते जी वह उसे कभी संन्यास नहीं लेने दे सकतीं। स्वामी आनंद स्वरूप का कहना है कि जिस मॉडल की महीने भर बाद ही शादी होने वाली हो उसे संन्यासिनी बनाकर महाकुंभ में प्रचारित करने की छूट किसी को नहीं दी जा सकती।
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, ज्योतिष्पीठ।
- फोटो : अमर उजाला।
जो महिला अभी यह भी नहीं तय कर पाई है कि उसे संन्यास की दीक्षा लेनी है या शादी करनी है, तो उसे संत- महात्माओं के शाही रथ पर जगह दिया जाना उचित नहीं है। श्रद्धालु के तौर पर शामिल होती तब भी ठीक था, लेकिन भगवा कपड़े में शाही रथ पर बिठाना पूरी तरह गलत है। -स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, शंकराचार्य, ज्योतिष्पीठ।