मध्यप्रदेश के जिला शिवपुरी से राजघाट होकर झांसी में आईं करोड़ों की संख्या में टिड्डियों को शनिवार शाम को स्टिंग ऑपरेशन में केमिकल का छिड़काव कर नष्ट कर दिया गया। शेष टिड्डी दल महरौनी होकर मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में पहुंच गया है। जिले में बीते दिनों से लगातार मध्यप्रदेश की सीमाओं से आकर टिड्डी दल मंडरा रहा था।
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टिड्डी दल (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
समीपवर्ती मध्यप्रदेश के जिले शिवपुरी से टिड्डी दल आया था। यह दल ब्लॉक तालबेहट व जखौरा के ग्रामों से होकर टीकमगढ़ जिले में पहुंच कर निकल गया, हालांकि कृषि विभाग के अलर्ट होने व किसानों की जागरुकता से नुकसान होने से बच जाता है। यहां बेतवा नदी के किनारे व गांवों में कुछ किसान सब्जी लगाए हुए हैं। ऐसे में यहां खतरा होने की संभावना अधिक है, लेकिन क्षेत्रीय किसान अलर्ट हैं।
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टिड्डी दल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
मध्यप्रदेश के जिला शिवपुरी से झांसी की सीमा में आया टिड्डी दल ब्लॉक जखौरा अंतर्गत ग्राम बसुवां से होते हुए तालबेहट ब्लॉक के गांवों में आ गया, यहां पर कृषि विभाग के अफसरों व किसानों ने जागरूकता दिखाई और टिड्डी दल को नीचे नहीं उतरने दिया। इसका कुछ हिस्सा ब्लॉक जखौरा होते हुए ग्राम सिवनी खुर्द, ललितपुर शहर से होकर कल्यानपुरा में पहुंचा।
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टिड्डी दल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
जहां पर बीती शाम ब्लॉक विरधा के ग्राम तोर आदि अन्य गांवों के ऊपर भी टिड्डी दल मंडराता रहा, यहां पर टिड्डियों की संख्या करोड़ों में होगी। इससे निपटने के लिए प्रशासनिक अमला व ग्रामीण तैयार हो गए। कृषि विभाग ने मुख्यालय से फायर ब्रिगेड की गाड़ी व अन्य सरकारी गाड़ियों को काम पर लगाया।
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टिड्डी दल (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
शाम होते ही टिड्डी दल के बैठने पर रसायन का छिड़काव किया, जो देर रात 11 बजे तक चलता रहा। इस छिड़काव से करोड़ों की संख्या में टिड्डी दल को मार दिया गया। रसायन के छिड़काव से नष्ट हुई टिड्डियों का खेतों, नालियों के आस पास के क्षेत्र में ढेर लग गया। हालांकि, कई स्थानों पर छिड़काव नहीं हो सका। इससे चालीस फीसदी दल बच गया है, जो महरौनी होते हुए रविवार को मध्य प्रदेश के जिला टीकमगढ़ में चला गया।
जिला कृषि अधिकारी गौरव यादव ने बताया कि टिड्डी दल के जिले में आने पर लगातार निगरानी रखी जा रही थी, कृषि विभाग की टीम दल का पीछा करती रही। शाम होने पर ब्लॉक बिरधा के ग्राम तोर में पहुंचने पर आभास हुआ कि टिड्डी दल का ठहराव यहीं है। इस पर तैयारी की और मशीनों से रसायन का छिड़काव कर करोड़ों की संख्या में टिड्डियों को नष्ट कर दिया गया।