झांसी में एसएनसीयू वार्ड में आग लगने से 10 बच्चों की मौत हो गई, जबकि कई की हालत गंभीर बनी हुई है। इस दरम्यान मेडिकल कॉलेज वार्ड में मौजूद कुछ कर्मचारी भी झुलस गए, जिन्हें तत्काल इमरजेंसी भेजा गया।
झांसी मेडिकल कॉलेज में आग लगने के बाद एसएनसीयू वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपने बच्चों को उठा-उठाकर वार्ड से भाग रहे थे। उसी वार्ड में कंचन कपूर और संध्या का बच्चा भी भर्ती था। आग लगने के बाद कंचन को अपना बच्चा नहीं मिला, लेकिन वहां उसने दूसरे बच्चे को तड़पता देखा। इस पर वह दूसरे बच्चे को उठाकर इमरजेंसी में पहुंच गई। यहां उसका इलाज शुरू हो गया। हालांकि, देर रात तक कंचन को उसके बच्चे के बारे जानकारी नहीं मिल पाई थी।
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Jhansi Medical College Fire
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों को बचाने में जुटे रहे कर्मचारी
वार्ड में आग लगने के बाद कर्मचारी तत्परता दिखाते हुए वहां भर्ती बच्चों को बचाने में जुट गए। वे हाथों में बच्चों को थामकर इमरजेंसी की ओर से भागे। इसमें कई कर्मचारी झुलस भी गए। महिला नर्स मेघा जेम्स भी झुलस गईं। इसके अलावा कई अन्य कर्मी भी आग की चपेट में आ गए, जिन्हें इमरजेंसी में इलाज मुहैया कराया गया।
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हादसे में मेडिकल स्टाफ भी झुलसा
एसएनसीयू वार्ड में आग लगने से 10 बच्चों की मौत हो गई, जबकि कई की हालत गंभीर बनी हुई है। इस दरम्यान मेडिकल कॉलेज वार्ड में मौजूद कुछ कर्मचारी भी झुलस गए, जिन्हें तत्काल इमरजेंसी भेजा गया।
करुण क्रंदन से नम हो उठी हर आंख
हादसे के बाद मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड और इमरजेंसी के बाहर देर रात तक महिलाओं का करुण क्रंदन सुनाई देता रहा। किसी का बच्चा हादसे की चपेट में आ गया था, तो कोई रिश्तेदार के साथ यहां पहुंचा था। मेडिकल में हर ओर चीख-पुकार सुनाई दे रही थी। यह देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो उठीं थीं।
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परिजन ने लगाए लापरवाही के आरोप
हादसे के बाद बच्चों के परिजन बेहद आक्रोशित नजर आए। उनका कहना था कि वार्ड के भीतर उन्हें जाने नहीं दिया जा रहा था, जिससे वे बच्चों तक नहीं पहुंच जाए। जबकि, स्टाफ ने भी बच्चों को बचाने में तत्परता नहीं दिखाई। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि घटना में दस बच्चों की मौत हो गई और कई हालत गंभीर बनी हुई है। लेकिन, स्टाफ सकुशल रहा।
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सांसद ने जताया दुख, जाना हाल
सांसद अनुराग शर्मा इन दिनों भारत सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ ऑस्ट्रेलिया में हैं। घटना की जानकारी होने पर उन्होंने गहरा दुख जताया। इसके अलावा प्रशासन से राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली।
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करोड़ों के उपकरण हो गए बर्बाद
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू वार्ड में करोड़ों रुपये के आधुनिक चिकित्सीय उपकरण लगे हुए थे। लेकिन, वार्ड में आग लगने से यह सभी उपकरण पूरी तरह से बर्बाद हो गए। इसके अलावा वार्ड दीवार व छत भी क्षतिग्रस्त हो गई।
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निर्माण कार्य की वजह से हुई दिक्कत
मेडिकल कॉलेज की एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबोर्न केयर यूनिट) के पास निर्माण कार्य चल रहा है, जिसकी वजह से पूरा रास्ता खस्ता हो गया है। आग लगने की सूचना मिलने पर दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई मगर अंदर नहीं जा सकी। इसकी वजह आवागमन का रास्ता पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होना और निर्माण सामग्री का पड़ा होना था। दमकल की गाड़ियों को बाहर गेट पर ही रोक लिया गया।
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मेडिकल कॉलेज में भीषण आग, 10 शिशुओं की मौत
झांसी के महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज के नवजात शिशु गहन चिकित्सा वार्ड (एसएनसीयू) में भीषण आग लगने से 10 नवजात शिशुओं की झुलसने एवं दम घुटने से मौत हो गई। जिस वार्ड में आग लगी थी, वहां 55 नवजात भर्ती थे। 45 नवजात को सुरक्षित निकाल लिया गया। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। सेना को भी बुला लिया। सेना एवं दमकल की गाड़ियों ने आग बुझाने में मदद कीं। दस नवजात की मौत से अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया। माता-पिता भी अपने बच्चों को बचाने की गुहार लगाते रहे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब पौने ग्यारह बजे वार्ड से धुआं निकलता दिखा। वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाया। जब तक कुछ समझ पाते, आग की लपटें उठने लगीं। कुछ ही देर में आग ने वार्ड को अपनी जद में ले लिया। वहां भगदड़ मच गई। नवजात को बाहर निकालने की कोशिश हुई, पर धुआं एवं दरवाजे पर आग की लपट होने से नवजात समय पर बाहर नहीं निकाले जा सके। दमकल की गाड़ियों के पहुंचने पर शिशुओं को बाहर निकाला जा सका।