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प्रयागराज में बस पलटी, दो छात्रों की मौत: 40 लोगों की सीट और बैठाया 83 को, इन तस्वीरों में देखें दर्दनाक हादसा

Sun, 18 Dec 2022 10:07 AM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
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प्रयागराज स्कूल बस हादसा - फोटो : अमर उजाला
जौनपुर से पिकनिक पर जा रही बच्चों से भरी बस प्रयागराज के भैंसकी गांव के पास पलट गई। हादसे में अंकित यादव (16) व अनुराग (15) निवासी जौनपुर की मौत हो गई। बच्चों व शिक्षक समेत 21 लोग जख्मी हो गए। हालत गंभीर होने पर इनमें से सात को एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हादसे के लिए बाइक चालकों को भले जिम्मेदार माना जा रहा है, लेकिन स्कूल, बस संचालकों और परिवहन विभाग की लापरवाही भी इसके लिए कम जिम्मेदार नहीं है।

40 सीट वाली बस में कुल 83 लोगों को बैठाया गया था। ऐसे में बस ओवरलोड भी हुई। बस चली गई और पुलिस, परिवहन विभाग के अधिकारियों को यह लापरवाही नजर नहीं आई।  जौनपुर के रामपुर ब्लॉक के परमालपुर गांव में श्रीमती कांति देवी जनता विद्यालय है। यहां के स्टाफ के साथ बच्चे शनिवार को पिकनिक मनाने निकले थे। उन्हें पहले आनंद भवन और फिर प्रतापगढ़ के मनगढ़ जाना था।  स्कूल और वहां पढ़ने वाले छात्रों के अनुसार, छात्र-छात्राओं के मनगढ़ जाने के लिए स्कूल में तीन-तीन सौ रुपये प्रति छात्र लिए गए थे।  
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प्रयागराज स्कूल बस हादसा - फोटो : अमर उजाला
कुल 75 छात्र-छात्राओं को पिकनिक पर ले जाने के लिए चिह्नित किया गया। फिर स्कूल प्रशासन की ओर से टूरिस्ट बस की गई। चौरी, भदोही निवासी एक व्यक्ति की बस 15 हजार रुपये में की गई। बस के संचालक विनोद पाठक ने बताया कि जिस समय बताया गया कि 75 विद्यार्थी जाएंगे, उन्होंने उसी समय मना कर दिया था, लेकिन स्कूल प्रशासन के दबाव में बस गई। 
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प्रयागराज स्कूल बस हादसा - फोटो : अमर उजाला
विनोद के अनुसार, बस में बैठाते समय चालक ने भी मना किया था। बावजूद इसके 75 विद्यार्थी और आठ अन्य लोग बैठाए गए। यानी चालक को लेकर कुल संख्या 83 हो गई। एक ही दिन का टूर था। शाम तक वापसी के लिए तैयारी थी। बताया कि इस बस में 40 सवारियों के बैठाने की अनुमति है। यानी कुल मिलाकर लापरवाही कई स्तर से हुई।

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प्रयागराज स्कूल बस हादसा - फोटो : अमर उजाला
जौनपुर के परमालपुर गांव स्थित श्रीमती कांति देवी जनता विद्यालय के स्टाफ के साथ बच्चे शनिवार को पिकनिक मनाने निकले थे। उन्हें पहले आनंद भवन और फिर प्रतापगढ़ के मनगढ़ जाना था। सुबह 9.45 बजे बस प्रयागराज-वाराणसी हाईवे पर हंडिया के सैदाबाद स्थित भैंस्की गांव के सामने पहुंची। तभी बाइक सवार संतोष विश्वकर्मा सामने आ गया। उसे बचाने के चक्कर में चालक नियंत्रण खो बैठा और बस पलट गई।
पढ़ें: प्रयागराज स्कूल बस हादसा : खून से लथपथ पड़े थे बच्चे, हर तरफ चीखपुकार, मची रही अफरातफरी, तस्वीरें
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अस्पताल में भर्ती बच्चे - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय लोग भागकर पहुंचे तो बच्चे भीतर फंसे चीख रहे थे। कई लहूलुहान हाल में थे। घायलों को बस से निकालकर सीएचसी ले जाया गया, जहां से 23 को एसआरएन रेफर कर दिया गया। तब तक कई पुलिस भी पहुंच चुकी थी। एसआरएन में दो छात्रों को मृत घोषित कर दिया गया। उधर, सात गंभीर घायलों को छोड़कर अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छोड़ दिया गया। 
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प्रयागराज स्कूल बस हादसा - फोटो : अमर उजाला
83 लोगों को लेकर रामपुर से होते हुए बस प्रतापगढ़ जा रही थी, लेकिन इस बीच कहीं भी किसी ने बस को न तो रोका और न ही टोका। शायद ओवरलोड बस न रहती तो चालक बस को नियंत्रित कर लेता। एआरटीओ प्रवर्तन स्मिता वर्मा ने बताया कि बीच-बीच में जांच होती है। ऐसे मामलों में स्कूल प्रबंध को ध्यान देना चाहिए। हर समय सड़क पर अधिकारी रहें, यह संभव नहीं है। 
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प्रयागराज स्कूल बस हादसा - फोटो : अमर उजाला
बस हादसे के बारे में परिजनों को जैसे ही पता चला, चीख-पुकार मच गई। इस हादसे ने एक परिवार से इकलौता बेटा छीन लिया। स्कूल में पूरे दिन ताला बंद रहा। अभिभावक पल-पल घटना की जानकारी लेते रहे। 

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प्रयागराज स्कूल बस हादसा - फोटो : अमर उजाला
एक सप्ताह से मनगढ़ प्रतापगढ़ जाने की तैयारी चल रही थी। इस हादसे में कक्षा 9वीं के छात्र अंकित यादव (15) पुत्र रामजतन यादव निवासी घोरहा थाना रामपुर और कक्षा 10 के छात्र अनुराग उर्फ अनुपम (17) पुत्र महेंद्र गौतम की मौत हो गई। 

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बस हादसे में बच्चे की मौत से बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
सुबह करीब साढ़े नौ बजे हुई घटना की जानकारी दस बजे तक अंकित के परिजनों को हुई तो वे घटनास्थल के लिए रवाना हो गए, जबकि अनुपम के परिजनों को दोपहर तीन बजे तक पता नहीं चल सका था। अनुपम के घर तीन बजे तक तो रोज की तरह सामान्य माहौल था, लेकिन जैसे ही घटना की जानकारी मिली चीख-पुकार मच गई। 
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इसी बाइक को बचाने के चक्कर में पलटी बस - फोटो : अमर उजाला
रामपुर थाना क्षेत्र के भर्थीपुर गांव निवासी महेंद्र गौतम ऑटो चलाते हैं। उनकी चार संतानों में सबसे बड़ा अनुराग उर्फ अनुपम ही था। उसके बाद अनुराग की तीन बहनें अन्नू, शालू और शालिनी हैं। अनुराग की मां मंजू घर का काम करती हैं। इसी तरह अंकित का बड़ा भाई अखिलेश और छोटी बहन पूजा है।
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