कहते हैं कुछ कर गुजरने के लिए साथ हो न हो हौसले जरूर बुलंद होने चाहिए। ऐसे ही बुलंद हौंसलों की मिसाल हैं जौनपुर के रामअजोर माली। बीस साल पोखरे के किनारे लावारिस मिली नवजात को अपनाने में रामअजोर ने जरा सा भी संकोच नहीं किया।
परिवार ने भी रामअजोर का साथ नहीं दिया, फिर भी वे टस से मस नहीं हुए। बकायदा बच्ची का पालन पोषण किया और इस बुधवार को धूमधाम से शादी भी की।