सत्संग हादसे की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग के सदस्यों ने रविवार को 34 लोगों के बयान दर्ज किए। उन्होंने पूछा कि आखिर घटना की शुरुआत कैसे हुई, घटनास्थल पर कैसा मंजर था। अस्पताल में मरीजों व मृतकों के पहुंचने पर क्या व्यवस्था थी। घटनास्थल पर प्रशासन व पुलिस की भूमिका, घटना के लिए किस-किस को जिम्मेदार मानते हैं। न्यायिक आयोग ने लोगों के बयानों के आधार पर पूरी तस्वीर खींचने की कोशिश की।
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Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
आयोग की टीम की अध्यक्षता कर रहे इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बृजेश कुमार श्रीवास्तव, सदस्य पूर्व आईएएस हेमंत राव, पूर्व आईपीएस भावेश कुमार सिंह ने बयान दर्ज कराने आए लोगों से सबसे पहले उनका परिचय पूछा, जैसे-वह कौन हैं, क्या हैं, किसी पार्टी से हैं या किस संस्था से जुड़े हैं।
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Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद टीम ने पूछा कि घटनास्थल पर वह मौजूद थे तो वहां का मंजर कैसा था, घटना की शुरुआत कैसे हुई, घटना के लिए किसे दोषी मानते हैं। कार्यक्रम आयोजकों की भूमिका, पुलिस प्रशासन की भूमिका, मृतकों को लाने की व्यवस्था, उपचार की व्यवस्था सहित तमाम सवालों के जरिए घटना से जुड़े हर पहलू को खंगाला। इधर, आयोग के सवालों व जवाबों को लेकर स्थानीय पुलिस-प्रशासन अमले में बेचैनी बनी रही।
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Hathras Stampede
- फोटो : अमर उजाला
चार घंटे में 34 लोगों ने दर्ज कराए बयान
सत्संग हादसे की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग की टीम ने रविवार को लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में सुबह 9 बजे से दोपहर एक बजे तक 34 लोगों के बयान दर्ज किए।
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- फोटो : अमर उजाला
आयोग के अध्यक्ष इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पहले व्यक्तिगत रूप से सभी से वार्ता करेंगे, जो बयान के साथ अभिलेख व वीडियो रिकॉर्डिंग देंगे, उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा, जिससे भी बात करने की आवश्यकता होगी, उन सभी से बयान लिए जाएंगे।
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Hathras Stampede
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इस घटना से जुड़े सभी लोगों को आधिकारिक नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस के आधार पर बयान दर्ज करने की कार्यवाही की जाएगी। टीम ने घटना से जुड़े दस्तावेजों को संकलित कर लिया है।
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ब्रजबिहारी कौशिक
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चश्मदीद बोले बाबा के सुरक्षा कर्मियों की लापरवाही से हुआ हादसा
न्यायिक जांच आयोग के समक्ष पेश हुए सिकंदराराऊ के मोहल्ला बारहसैनी निवासी ब्रजबिहारी कौशिक ने बताया कि मंगलवार को सिकंदराराऊ के फुलरई मुगलगढ़ी में आयोजित भोले बाबा के सत्संग में हुई भगदड़ की घटना के दौरान वह मौके पर ही मौजूद थे। सत्संग समाप्त होने के बाद जब बाबा मंच से जाने लगे, तभी भीड़ उनके पीछे-पीछे दौड़ने लगी।
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Hathras Stampede
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इस दौरान वहां भगदड़ मच गई। जब हम लोगों ने भीड़ को ऐसा करने और भगदड़ से लोगों को बचाने का प्रयास किया तो वहां तैनात बाबा के सुरक्षा कर्मियों ने हम लोगों जाने नहीं दिया और रोक लिया।
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कौशल प्रताप सिंह
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न्यायिक जांच आयोग के समक्ष पेश हुए गांव टीकरी कला निवासी कौशल प्रताप सिंह ने बताया कि सत्संग समाप्त होने के बाद जब बाबा मंच से जाने लगे। तभी उन पर फूलों की वर्षा होने लगी। सत्संग में मौजूद भीड़ बाबा के पैर छूने और फूलों को लूटने के लिए दौड़ पड़ी। जिसके चलते भीड़ अनियंत्रित हो गई और वहां भगदड़ की स्थिति बन गई। जिसका परिणाम यह हुआ कि वहां इतना बड़ा हादसा हुआ। जिसमें सौ से अधिक लोगों की मौत हो गई। कई लोग हादसे का शिकार होकर घायल हो गए।
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देव चौधरी
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बयान दर्ज कराने वाले देव चौधरी उर्फ देवा पहलवान के अनुसार
आयोग : नाम व पूरा परिचय दें।
जवाब : देव चौधरी उर्फ देवा पहलवान, महामौनी मुरसान, हाथरस।
आयोग : घटनास्थल पर क्या कर रहे थे।
जवाब : घटना के दौरान एटा से आ रहे थे, जब भगदड़ देखी तो रुक गए।
आयोग : घटनास्थल पर क्या देखा।
जवाब : भगदड़ को देखकर गाड़ी को एक तरफ खड़ा किया और उतरे। रोती हुई महिलाएं आईं, बोलीं हमारी बहन फंसी है, हमारी मां फंसी हुई हैं। हमने शवों को अंदर से निकाला।
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ओमवीर सिंह
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बयानकर्ता ओमवीर सिंह राना के अनुसार
आयोग : नाम व पूरा परिचय दें।
जवाब : ओमवीर सिंह राना, सात बरामई, मुरसान हाथरस।
आयोग : घटना के दौरान कहां थे।
जवाब : हम करीब चार बजे बागला जिला अस्पताल पहुंचे थे।
आयोग : वहां क्या देखा था।
जवाब : घायलों को एंबुलेंस से लाया जा रहा था।
आयोग : कहां लापरवाही समझते हैं, क्या व्यवस्था होनी चाहिए।
जवाब : सेवादारों को स्थानीय लोगों से सहयोग लेते हुए कार्यक्रम की व्यवस्था करनी चाहिए, लेकिन वह स्थानीय लोगों से बातचीत किए बिना ही सत्संग कराते हैं। रज के लिए भगदड़ की वजह से हादसा होना बताया गया है।
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राजेश
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इन्होंने भी दर्ज कराए अपने बयान
हाथरस के नगला सड़क निवासी राजेश ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को लेकर आयोग को बताया। बागला जिला अस्पताल में एंबुलेंस से घायल पहुंचे तो कितना स्टाफ था, क्या जरूरत थी। इस बारे में आयोग ने पूछा था।
मुरसान के कपूरा निवासी मुकेश ने बताया कि एटा से निजी वाहन से लौट रहा था, उसी दौरान यह हादसा हुआ था। इस संबंध में जो भी लापरवाही हुई, उसके बारे में आयोग की टीम को जानकारी दी। आयोग को हादसे के वक्त सेवादारों के न होने के साथ अन्य जानकारी दी है।