बलिदानी के पार्थिव देह को मुखाग्नि देता भाई
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मृतक के भाई बलदेव ने दी मुखाग्नि, मुखाग्नि के दौरान हर आंख हुई नम
गांव नगला मनी का बलिदानी लांस नायक सुभाष कुमार को तीन यूनिटों से आए अफसर, जेसीओ एवं उनकी टुकड़ी ने शोक सलामी दी । मेरठ से आई 12 जाट रेजीमेंट की कमान मेजर अंकुश गुलेरिया , वन कोर सिगनल रेजीमेंट की कमान मेजर राकेश पाणी ने की थी । इधर, अलवर से आई 19 जाट रेजीमेंट ने भी बलिदानी के पार्थिव शरीर काे शोक सलामी दी । इसके बाद तीनों रेजीमेंट के सलामी गारद ने हवा में गोलियां दाग उसको सैनिक सम्मान दिया। उससे पहले बलिदानी का पार्थिव शरीर आने पर सादाबाद से लेकर उसके गांव तक रास्ते में पड़ने वाले गांवों के ग्रामीणों उसकी गाड़ी पुष्प वर्षा का बलिदानी सुभाष अमर रहे ,जब तक सूरज चांद रहेगा सुभाष तेरा नाम रहेगा के नारों से पूरा रास्ता गुंजायमान कर दिया। गांव आने के बाद पुलिस को भीड़ को नियंत्रण करने में पसीने छूट रहे थे । बलिदानी के चाचा के घर के सामने खेत में गाड़ी से उसका पार्थिव शरीर उतारा गया और उसके साथ आई सैनिक टुकड़ी उसे धीमी चाल से लेकर उस खेत पर बिछे तख्त पर रख दिया , वहां महिला एवं पुरूषों ने बलिदानी के पार्थिव शरीर के दर्शन किए । इसके बाद उसके पार्थिव शरीर को वह स्थान पर ले जाया गया जहां पर उसकी अंत्येष्टि होनी थी ,वहां पार्थिव शरीर लिपटे तिरंगे को उतारा गया। तिरंगे को लांस नायक सुभाष की पत्नी को उसके घर पर जाकर दिया गया। तीनों यूनिटों की टुकड़ियों ने बलिदानों को शोक सलामी दी । उसके बड़े भाई बलदेव ने उसे मुखाग्नि दी। जब बड़ा भाई बलदेव बलिदानों को मुखाग्नि दे रहा था तो वहां पर मौजूद हजारों की संख्या में लोगों के आंखें भी नम हो गई। उसकी यूनिट 7 जाट से नायब सूबेदार वीरी सिंह , हवलदार पवन , लांस नायक पवन पार्थिव शरीर के साथ आए थे।