मृत बच्चों को लेकर जाते परिजन
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पांच में से बचीं सिर्फ तीन बहनें
ऊंचा अमीरपुर निवासी निर्मला ने बताया कि उसके पुत्र जितेंद्र उर्फ लक्की की पांच पुत्री हैं। पांच अगस्त को दूसरे और तीसरे नंबर की 9 वर्षीय शिवांगी और चार वर्षीय साक्षी को फुंसी, फोड़े निकलने पर धौलाना सीएचसी लाई थी। निर्मला ने बताया कि यहां चिकित्सकों ने दवा दे दी। लेकिन दवा लेने के बाद शाम को दोनों के शरीर में सूजन होने लगी। इस पर छह अगस्त को फिर से अस्पताल आकर, चिकित्सक को बताया। दूसरे दिन दवा बदलकर दी गई, लेकिन इन्हें खाने पर तबीयत में कोई सुधार नहीं आया। गुरुवार को शिवांगी की हालत और बिगड़ गई, परिजन उसे हापुड़ सीएचसी लेकर पहुंचे, लेकिन वहां उसने दम तोड़ दिया।