गोरखपुर से लखनऊ की ओर जा रही यशवंत नगर एक्सप्रेस मंगलवार को दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बची। 10:42 बजे ओडवारा स्टेशन पर रनथ्रू पास होने के बाद ट्रेन बस्ती की ओर आ रही थी। चीनी मिल के पास स्थित ट्रैक पर मौजूद सीमेंटेड स्लीपर को देख कर चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया, इसके चलते गति 70 किमी प्रति घंटे हो गई और इसी स्पीड में इंजन का कैटिल गार्ड स्लीपर से टकरा गया। इस दुर्घटना से इंजन का पहिया थम गया, क्योंकि कैटिल गार्ड इंजन के पहियों में फंस गया था। बाद में ट्रेन को स्टेशन पर पहुंचाया गया।
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इमरजेंसी ब्रेक लगा चालक ने रोकी ट्रेन
- फोटो : अमर उजाला
चीनी मिल के पास स्थित रेलवे ट्रैक पर रेलवे इंजीनियरिंग विभाग के कर्मी काम कर रहे थे। अचानक ट्रेन को देखकर कर्मचारी जान बचाकर भागे, मगर सीमेंटेड स्लीपर को ट्रैक से हटाने में नाकाम रहे। ट्रैक पर पड़े स्लीपर पर लोको पायलट सुनील कुमार तिवारी की नजर पड़ी तो उसने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। इसके बाद ट्रेन के इंजन का कैटिल गार्ड स्लीप से टकरा गया जिससे वह टूटकर इंजन के पहिए में फंस गया। ट्रेन खड़ी हो गई। 10:48 बजे हुई दुर्घटना के बाद 11: 20 बजे ट्रेन को प्लेटफार्म तक लाया गया।
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train
- फोटो : अमर उजाला
लोको पायलट सुनील कुमार तिवारी ने वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक विश्वंभर प्रसाद को मेमो दिया, जिसमें कहा गया है कि जब गाड़ी ओरवारा से रनथ्रू पास की गई तो बस्ती का डिस्टेंस व होम दोनों ग्रीन अवस्था में पास किया। बस्ती के मध्य होम के आगे ट्रैक पर गैंग लाइन पर काम कर रहा था, जिसे हटाने के लिए कई बार हॉर्न दिया, जैसे ही टीम ट्रैक से हटी वैसे ही नजर स्लीपर पर पड़ी जो तीन फीट हिस्सा बाएं तरफ ट्रैक के अंदर था तथा बाकी हिस्सा ट्रैक के बाहर दिखाई दे रहा था, जिसके चलते इमरजेंसी ब्रेक लगाया गया, लेकिन दूरी कम होने के कारण इंजन का कैटिल गार्ड करीब 70 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से स्लीपर से टकरा गया।
कैटिल गार्ड इंजन के पहियों में फंस गया था
- फोटो : अमर उजाला
इसके चलते गार्ड टूट कर इंजन के पहिए में फंस गया और ट्रेन खड़ी हो गई। लोको पायलट ने कहा कि उक्त स्थल पर किसी भी सतर्कता का आदेश नहीं दिया गया था। इसके बाद 11:25 बजे ट्रेन को प्लेटफार्म पर पहुंचाया गया जहां 11:40 बजे लोको फेलियर का मेमो स्टेशन मास्टर को देकर रिलीफ इंजन की मांग की गई। इसके बाद ट्रेन करीब 1:06 बजे बस्ती से गंतव्य के लिए रवाना हुई। इस दौरान बस्ती अयोध्या पैसेंजर गाड़ी प्रभावित हुई। वरिष्ठ स्टेशन अधीक्षक विश्वंभर प्रसाद ने कहा कि उन्हें लाइन पर काम करने की जानकारी इंजीनियरिंग विभाग ने नहीं दी थी। इसके चलते यह दुर्घटना हुई है। जांच के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।