फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डूबती युवतियों को बचाने नर्मदा में कूद गईं थीं आनंदीबेन पटेल, जानिए उनकी अनकही बातें

Tue, 10 Dec 2019 12:04 PM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
विज्ञापन
1 of 6
शिक्षकों को सम्मानित करतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
सालों पहले गुजरात के मोहिनाबा कन्या विद्यालय की दो छात्राओं को नर्मदा नदी में डूबने से बचाने के लिए एक वीर युवती ने बिना सोचे समझे उफनती नदी में छलांग लगा दी और डूबती हुई लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाल लाई थी।

इस साहस के लिए उस युवती को जब गुजरात सरकार की ओर से 'वीरता पुरस्कार' से सम्मानित किया जा रहा था, तब तक किसी ने नहीं सोचा था कि भविष्य में उसका नाम देश की बड़ी राजनीतिक हस्तियों में शामिल होगा। यह युवती कोई और नहीं बल्कि आनंदी बेन पटेल थीं जिन्होंने भारतीय राजनीति में अपनी मजबूती का लोहा मनवाया है। साल 2018 से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की राज्यपाल रहीं आनंदी बेन पटेल को इसी साल जुलाई में उत्तर प्रदेश की जिम्मेदारी सौंपी गई। 10 दिसंबर को आनंदी बेन गोरखपुर में होंगी। आइए जानते हैं कौन हैं आनंदी बेन पटेल और कैसा रहा है उनका अब तक का राजनीतिक सफर-
विज्ञापन

2 of 6
आनंदीबेन पटेल
आनंदी बेन पटेल का जन्म 21 नवंबर, 1941 को गुजरात के एक गांधीवादी परिवार में हुआ था। बचपन से ही वह खेल-कूद और एथलेटिक्स में सक्रिय थीं और कई प्रतिस्पर्धाओं में पुरस्कार जीतती रही थीं। उनकी शादी मफतभाई पटेल के साथ हुई, जो उन दिनों गुजरात भाजपा के कद्दावर नेताओ में से एक थे।

वीरता पुरस्कार मिलने के बाद पति के मित्र नरेंद्र मोदी और शंकरसिंह वाघेला ने उन्हें भाजपा से जुड़ने और महिलाओं को पार्टी के साथ जोड़ने के लिए कहा। उसी साल यानी 1987 में वो गुजरात प्रदेश महिला मोर्चा अध्यक्ष बनकर भाजपा में शामिल हो गईं। पार्टी में उन दिनों कोई मजबूत महिला नेता नहीं थी इसलिए कुछ ही दिनों में भाजपा में आनंदीबेन एक निडर नेता के तौर पर उभरीं।
विज्ञापन

3 of 6
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल। - फोटो : amar ujala
राजनीति में आने के सात सालों बाद ही 1994 में वह गुजरात से राज्यसभा की सांसद बनीं। उसके बाद 1998 से 2012 तक लगातार गुजरात विधानसभा की सदस्य चुनी गईं। केशुभाई पटेल की सरकार में उन्हें शिक्षा मंत्री बनाया गया। इसके बाद 2007-2014 तक उन्होंने राजस्व मंत्री का कार्यभार संभाला। 22 मई, 2014 को उन्होंने गुजरात की पहली महिला मुख्यमंत्री होने का खिताब अपने नाम किया।

अपने कार्यकाल में उन्होंने गुजरात को 100 प्रतिशत खुले में शौच-मुक्त करने का अभियान चलाया। सभी महिलाओं के लिए कैंसर की जांच और मुफ्त इलाज की  शुरुआत की। उन्होंने नर्मदा के पानी को खेत तक पहुंचाने के लिए सर्वसम्मति से जमीन संपादन का अभियान चलाया।

वैसे तो उनका मुख्यमंत्री कार्यकाल काफी उपलब्धियों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने अपने निजी कारणों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। आनंदीबेन के बाद विजय रूपाणी को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया था।

4 of 6
बच्चों को भोजन परोसतीं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व अन्य - फोटो : अमर उजाला
आनंदी बेन पटेल ने कई मौकों पर विश्व पटल पर भारत और गुजरात का प्रतिनिधित्व किया। वह 1996 में भारतीय संसदीय दल के साथ बुल्गारिया की यात्रा और फ्रांस, जर्मनी, हॉलैंड, इंग्लैंड, नीदरलैंड, अमेरिका, कनाडा, मेक्सिको आदि की शिक्षा अध्ययन यात्रा में शामिल रहीं।

इसके बाद 2002 में कॉमनवेल्थ पार्लियामेन्टरी एसोसिएशन की गुजरात शाखा के दल के साथ नामीबिया-दक्षिण अफ्रीका में 48वीं कांफ्रेन्स में सम्मिलित हुईं। इसके बाद सितंबर 2009 में लंदन में 'विलेज इंडिया' प्रोग्राम में गुजरात का प्रतिनिधित्व किया।
विज्ञापन

5 of 6
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : amar ujala
मई, 2015 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के व्यापारिक प्रतिनिधि मंडल के साथ बतौर मुख्यमंत्री चीन का दौरा किया। इसके बाद 23 जनवरी, 2018 को उन्होंने मध्यप्रदेश की राज्यपाल का कार्यभार संभाला। 15 अगस्त, 2018 को उन्हें मध्यप्रदेश के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया।

महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह के मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह की मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मंगलवार को गोरखपुर आएंगी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
कलाकृति में पहुंची राज्यपाल आनंदीबेन पटेल - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार को महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह के अंतिम दिन मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह की सीएम योगी अध्यक्षता करेंगे। इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल मंगलवार की सुबह 8.55 बजे गोरखपुर एयरपोर्ट आएंगी।

संभावना है कि मुख्यमंत्री स्वयं एयरपोर्ट पर उनका स्वागत करें। इसके बाद गोरखनाथ मंदिर के ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में सुबह 10.30 बजे से मुख्य महोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह की शुरुआत होगी। राज्यपाल शिक्षा परिषद के छात्रों एवं शिक्षकों को आशीर्वचन प्रदान करेंगी। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद राज्यपाल 1.30 बजे लखनऊ लौट जाएंगी। मुख्यमंत्री मंगलवार शाम तक मंदिर में ही रहेंगे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें