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गोरखपुर हिंसाः आखिर वह कौन है जो आबोहवा में फैलाना चाहता है नफरत की आग

Fri, 27 Dec 2019 10:41 AM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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- फोटो : अमर उजाला
गंगा-जमुनी तहजीब को संजोए गोरखपुर में नफरत की आग फैलाने के लिए अब भी इंटरनेट कॉल की मदद से मुस्लिम युवाओं को गुमराह करने की कोशिश जारी है। इसकी पुष्टि होने के बाद पुलिस के कान खड़े हो गए हैं। पुलिस इन इंटरनेट कॉल करने वालों और रिसीव करने वालों को चिह्नित करने में जुटी हुई है। और गोरखपुर में आग क्यों फैलाने की कोशिश करने वालों चाहते हैं, इससे पर्दा उठना अभी बाकी है।
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आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
खैर, एहतियातन पुलिस मुस्लिम बहुल इलाकों खासकर तुर्कमानपुर, घासीकटरा, इलाहीबाग, चिलमापुर में विशेष सतर्कता बरत रही है। यहां के संभ्रात लोगों से पुलिस संपर्क कर उन्हें समझाने की कोशिश कर रही है। पुलिस समझा रही है कि किसी बहकावे में आकर उपद्रव किए तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। साथ ही कानून के बारे में सच्चाई भी बता रही है।
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आरोपी। - फोटो : अमर उजाला
पुलिस अफसर खुद इस बात को मानते हैं कि गोरखपुर में बवाल चंद बाहरी लोगों की मदद से अंजाम दिया गया था। एक बार फिर जुमे की नमाज होनी है, ऐसे में उत्पात की आशंका है, इसे लेकर सतर्कता और बढ़ा दी गई है। इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए ही प्रदेश के कई जिलों में इंटरनेट सेवा बाधित की जा रही है।

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फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
पिछले जुमे की नमाज से पहले पुलिस लगातार मस्जिद के इमाम, संभ्रात लोगों के संपर्क में थी। वह पुलिस के सहयोग में भी थे लेकिन अचानक आए एक इंटरनेट कॉल के बाद पूरा माहौल बिगड़ गया। चंद मिनट में ही कुछ युवा आए और फिर बड़ी मस्जिद के बाहर काली पट्टी बांधने लगे। संदेश ऐसा चला कि किसी भी युवा ने इससे इंकार नहीं किया और हाथों में काली पट्टी बांध ली। इसके पहले शाहमाहरूफ की दुकानें बंद करा दी गई थीं, जबकि वह पहले खुली थीं। अब पुलिस इसी इंटरनेट कॉल की जांच में जुटी है, ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि आखिर वह कौन है, जो घर बैठे पूरी साजिश रच रहा है।
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fdrgtd - फोटो : अमर उजाला
एडीजी रेंज जयनारायण सिंह का कहना है कि पुलिस हर पहलू पर काम कर रही है। जो भी इसके पीछे है, सभी की जांच कर गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस के पास पर्याप्त सबूत हैं और धीरे-धीरे सबकी पहचान भी हो रही है। किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। आम लोगों से भी अपील है कि वह कानून को हाथ में ना लें। किसी के बहकावे में भी न आएं। उनकी जो भी मांग है, शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन के जरिए मजिस्ट्रेट को दे सकते हैं।
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