शहर में ठंड का पिछले 42 साल का रिकार्ड टूट गया। बृहस्पतिवार को दिन का तापमान पिछले 42 साल के दौरान सबसे कम 11.4 डिग्री रहा। जो सामान्य से करीब 13 डिग्री कम था। कड़ाके की ठंड के बाद शुक्रवार सुबह को धूप निकल आई। इससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। बीते दिनों भीषण गलन की वजह से सुबह से शाम तक लोग कंपकंपाते रहे। पूरे दिन सूरज के दर्शन नहीं हुए और कोहरा छाया रहा। न्यूनतम तापमान भी 5.4 डिग्री ही रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अभी तीन-चार इस ठंड से राहत की उम्मीद नहीं है।
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गोरखपुर में मौसम साफ नजर आया।
- फोटो : अमर उजाला
पिछले कुछ दिनों से चल रही शीतलहर बृहस्पतिवार को भी जारी रही। पहाड़ों में बर्फबारी के बाद राजस्थान की ओर चल रही पछुवा हवा ने गोरखपुर में कंपकंपी छुड़ा दी। सुबह से ही हाड़ कपा देने वाली ठंड शुरू हो गई। दिन चढ़ने के बाद भी कोई राहत नहीं मिली। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि आने वाले तीन चार दिन कड़ाके इस ठंड से राहत की उम्मीद भी नहीं है। न्यूनतम पारा चार डिग्री तक पहुंच सकता है।
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कोहरे के कारण छाया अंधेरा
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान से भारत के उत्तरी इलाकों की ओर आने वाली सर्द हवाएं, ठंडी में इजाफा कर रही हैं। हिमालय क्षेत्र में जम्मू कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में इस सप्ताह भी बर्फ बारी हो रही है। इसकी वजह से रात के तापमान में दो से चार डिग्री तक की गिरावट का अनुमान है।
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शुक्रवार को गोरखपुर में मौसम साफ नजर आया।
- फोटो : अमर उजाला
घरों में दुबके रहे लोग, अलाव का सहारा
बृहस्पतिवार सुबह से दोपहर तक सड़क पर कर्फ्यू सा नजारा था। कुछ सूर्यग्रहण का भी असर था, लेकिन अधिकांश लोग कड़कड़ाती ठंड की वजह से घरों में कैद रहे। किसी ने अलाव का सहारा लिया तो कई ने घरों में रजाई में दुबके रहना ही बेहतर समझा।
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धूप निकलने के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले 2011 में अधिकतम तापमान हुआ था 12.1
हाल के वर्षों की बात करें तो 2011 में दिन का तापमान लुढ़ककर 12.1 डिग्री पहुंचा था। लेकिन बृहस्पतिवार को यह रिकॉर्ड धराशायी हो गया। पछुवा हवा की रफ्तार पूरे दिन 10 किलोमीटर के आसपास बनी रही है।
कुछ यूं रहा पिछले 20 वर्षों के दिसंबर में अधिकतम तापमान
ठंड में कुछ इस तरह जाती युवतियां।
- फोटो : अमर उजाला
पिछले कुछ वर्षों में यूं रहा न्यूनतम तापमान
वर्ष तारीख तापमान
2015 21 4.4
2016 17 7.8
2017 18 8.0
2018 30 4.6
2019 26 5.4
नए साल के उत्सव में खलल डाल सकती है बूंदाबांदी
नए साल के उत्सव का आनंद बारिश की वजह से किरकिरा होने की आशंका है। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि नव वर्ष के पहले दिन पूरे उत्तर भारत में बूंदाबांदी के आसार हैं। दरअसल एक पश्चिमी विक्षोभ जम्मू कश्मीर के ऊपर सक्रिय हो रहा है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश के ऊपर भी एक सर्कुलेशन बन रहा है। दोनों के मिलने की वजह से उत्तर भारत बारिश की संभावना है। इस दौरान पांच से 10 मिलीमीटर बारिश हो सकती है।