गाजीपुर जिले के जमानिया कोतवाली अंतर्गत लहूआर गांव में ईंट भट्ठे पर काम करने वाला एक मजदूर परिवार रिहायशी झोपड़ी डालकर रहता था। बुधवार रात दो बजे अचानक आग लगने से झोपड़ी में सो रहे तीन बच्चों की मौत हो गई। जबकि मां जीवन-मौत से जूझ रही है। उसका इलाज वाराणसी में चल रहा है। ईंट-भट्ठे की एक झोपड़ी में बुधवार रात अचानक आग लग गई।
अभी कोई कुछ समझ पाता कि पुआल की झोपड़ी धू-धू कर जलने लगी। पिता बबलू बनवासी बेबस और लाचार हो चीखता रहा, लेकिन बेटी और मासूम बेटों को नहीं बचा सका। नब्बे दिन पहले ईंट-भट्ठे पर मजदूरी कर पेट पालने के लिए परिवार के साथ पहुंचे मजदूर की हंसती-खेलती बच्चों की दुनिया आग में तबाह हो गई। घटनास्थल पर शवों को देखकर पत्थर दिल इंसान भी बिलख पड़े। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ था। अग्निकांड ने मजदूर परिवारों का ऐसा जख्म दिया, जो वे कभी नहीं भूल सकेंगे।