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यूपी में दो बदमाश एनकाउंटर में ढेर: स्कूली बच्चों को बनाया बंधक, गोलियों की तड़तड़ाहट से कांपा इलाका; तस्वीरें

Fri, 17 Jul 2026 08:52 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

यूपी के शिकोहाबाद में पुलिस ने मुठभेड़ के दाैरान दो बदमाशों को ढेर कर दिया। बदमाशों की गोली लगने से दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। इनमें एक की हालत नाजुक बनी हुई है। गोलियों की तड़तड़ाहट से क्षेत्र में दहशत बनी रही। बदमाश पुलिस से बचने के लिए एक स्कूल में घुस गए थे। छात्र को बंधक बना लिया था। 
 
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शिकोहाबाद में पुलिस मुठभेड़ में ढेर बदमाश सुमित और अंकित। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शिकोहाबाद में फिरोजाबाद पुलिस और इटावा जिले की एसओजी व सर्विलांस टीम ने शुक्रवार को एक संयुक्त ऑपरेशन में दो दुर्दांत इनामी लुटेरों को मार गिराया। मारे गए बदमाशों की पहचान सुमित यादव उर्फ विवेक निवासी नगला हरनाथ, सैफई, इटावा और अंकित उर्फ सीपू निवासी मोतीगंज, भरथना, इटावा के रूप में हुई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।

मुठभेड़ के दौरान बदमाशों द्वारा की गई ताबड़तोड़ फायरिंग में इटावा एसओजी टीम के दो सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें से एक सिपाही के पेट में गोली लगी है, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस के अनुसार, बीती 3 जुलाई 2026 को थाना इकदिल क्षेत्र की फ्रेंड्स कॉलोनी में एक डॉक्टर से दिनदहाड़े चेन लूट की वारदात हुई थी। इस घटना में फरार अंकित और थाना चौबिया के एक अन्य लूट मामले में फरार सुमित यादव के संबंध में इटावा पुलिस को इनपुट मिला था कि दोनों गाजियाबाद से झारखंड-संभलपुर एक्सप्रेस द्वारा झारखंड भाग रहे हैं। इटावा की एसओजी-सर्विलांस टीम ट्रेन का पीछा करते हुए शिकोहाबाद रेलवे स्टेशन पहुंची। 

 
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माैके पर मोर्चा संभाले पुलिस। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
करीब सुबह 11 बजे जैसे ही स्टेशन पर ट्रेन रुकी, पुलिस को देखकर दोनों बदमाशों ने ट्रेन से छलांग लगा दी और फायरिंग की। इस दौरान एक गोली एसओजी सिपाही डेविड चौहान निवासी उम्मेदपुर, सकीट, एटा के पेट में जा लगी और दूसरी गोली सिपाही पुष्पेंद्र के दाहिने कंधे को चीरती हुई निकल गई। खून से लथपथ होने के बावजूद पुलिस बदमाशों का पीछा जारी रखा। स्टेशन से भागकर बदमाशों ने स्वामी नगर के पास एक राजमिस्त्री से हथियार के बल पर बाइक लूटी। लेकिन कुछ ही दूरी पर बाइक का पेट्रोल खत्म हो गया। बाइक बंद होते ही बदमाश दौड़ते हुए प्राथमिक विद्यालय नीम खेरिया की बाउंड्रीवॉल लांघकर भीतर घुस गए और वहां स्कूल ड्रेस में मौजूद एक मासूम बच्चे को बंधक बनाकर उसकी आड़ से पुलिस पर फायरिंग करने लगे। 

 
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मुठभेड़ के दाैरान जुटी भीड़। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने पहले बच्चे को सुरक्षित मुक्त कराया। इसके बाद घबराए बदमाश अलग-अलग दिशाओं में भागे। एसओजी इटावा ने पहली घेराबंदी कर नीम खेरिया के एक चरी के खेत में अंकित उर्फ सीपू को मार गिराया। वहीं, दूसरी तरफ भाग रहे सुमित यादव को शिकोहाबाद पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने नगला कनही गांव के एक खेत में मुठभेड़ के दौरान ढेर कर दिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीजी आगरा जोन एसके भगत, डीआईजी आगरा शैलेश कुमार पांडेय, डीआईजी कानपुर परिक्षेत्र यमुना प्रसाद, एसएसपी फिरोजाबाद आदित्य लांग्हे और एसएसपी इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर मुआयना किया।

 

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माैके पर पहुंचे आला अधिकारी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अपराध जगत में था खौफ, दर्ज हैं दर्जनों मुकदमेः एडीजी
एडीजी आगरा जोन एसके भगत ने बताया कि बदमाश सुमित यादव उर्फ विवेक निवासी नगला हरनाथ, सैफई हिस्ट्रशीटर था। सैफई थाने में उसकी हिस्ट्रीशीट खुली है। इसके खिलाफ लूट, डकैती, जानलेवा हमला और गैंगस्टर एक्ट सहित करीब 26 गंभीर मुकदमे दर्ज थे। वहीं, अंकित उर्फ सीपू निवासी मोतीगंज, भरथना, इटावा के खिलाफ डकैती प्रभावित क्षेत्र अधिनियम के अलावा आर्म्स एक्ट और लूट के कई मामले दर्ज थे। दोनों फिरोजाबाद-इटावा पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में हुई मुठभेड़ के दौरान मारे गए। मुठभेड़ में दो एसओजी सिपाही भी घायल हैं, जिनमें से डेविड के पेट में गोली लगी है, उसकी हालत अधिक गंभीर है। आगरा में उपचार चल रहा है।

 
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दहशत में आए लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गोलियों की तड़तड़ाहट से कांपा इलाका, जान बचाकर भागे ग्रामीण
दिनदहाड़े गांव नीमखेरिया और नगला कनही में हुई इस मुठभेड़ के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है। बेखौफ बदमाश जिस तरह पुलिस पर गोलियां बरसा रहे थे, उसे देखकर खेतों में काम कर रहे और सड़कों पर मौजूद ग्रामीण अपनी जान बचाकर घरों की तरफ भागे। स्वामी नगर निवासी मिथुन कुमार ने बताया कि सुबह गो सेवा करके लौट रहे थे, तभी अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट शुरू हो गई। सादा कपड़ों में दौड़ रही एसओजी की टीम ने बदमाशों का पीछा करने के लिए बाइक मांगी थी। बिना वक्त गंवाए अपनी बाइक पुलिसकर्मियों को दे दी, जिससे जवान आगे बढ़े। ग्रामीण सुग्रीव सिंह और शिवराज सिंह ने बताया कि फायरिंग का खौफ ऐसा था कि कुछ ही मिनटों में सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। लोग अपने बच्चों को लेकर कमरों में दुबक गए। पुलिस ने जिस तरह अदम्य साहस दिखाकर चरी के घने खेतों में घुसकर बदमाशों को ढेर किया, वह काबिले तारीफ है।


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