विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
घर पर टूटे दो-दो पहाड़
साथ गए परिजनों का कहना है कि घर में जहां खुशियां आनी चाहिए थीं, वहां एक साथ दो-दो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक तरफ घर में अंजली का शव पहुंचा तो दूसरी तरफ मासूम बच्चा अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। गांव के लोग और रिश्तेदार अब बस ईश्वर से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि कम से कम इस बेकसूर नवजात की सांसें बच जाएं।
डॉक्टर का बयान
महिला में हीमोग्लोबिन का स्तर केवल 5 पॉइंट के करीब था। प्रसव के बाद अचानक बीपी गिर जाने के कारण हालत बिगड़ी, जिसके चलते उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। - डॉ. आरसी केशव, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, संयुक्त चिकित्सालय, शिकोहाबाद
पुलिस का बयान
चोरी के मामले में पूछताछ के लिए युवक को हिरासत में लिया गया था। परिजनों की शिकायत प्राप्त कर ली गई है। -अनुज चौधरी, एसपी ग्रामीण
रंजिश, दरोगा की हनक और बेकसूर पर जुल्म
साहब! मेरा कोई कसूर नहीं था। एक साल पुरानी गांव की रंजिश में मुझे झूठा फंसाया गया। मेरी पत्नी रोती रही, अपनी नाजुक हालत का वास्ता देती रही, लेकिन पुलिस वाले नहीं माने... और आज मेरी दुनिया उजड़ गई।
गौरव की बात सुन हर कोई हुआ भावुक
शिकोहाबाद थाने के लभौआ गांव में चोरी के आरोप में हिरासत में लिए गए वीडियोग्राफर गौरव ने जब पुलिसिया शक और अपनी आपबीती सुनाई, तो सुनने वालों की आंखें नम हो गईं।