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तीस बच्चों को बंधक बनाने वाले को पुलिस ने मारी थी गोली, भीड़ ने ली थी मां की जान, अब इस हाल में है गौरी

Tue, 05 Jan 2021 11:46 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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सिपाही सीमा के साथ दुर्दांत अपराधी सुभाष बाथम की बेटी गौरी - फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद में तीस बच्चों को बंधक बनाने वाले मारे गए दुर्दांत अपराधी सुभाष बाथम की बेटी गौरी की आईजी मोहित अग्रवाल हर संभव मदद कर रहे हैं। गौरी अपनी बुआ के पास रह रही है। आईजी हर महीने बुआ को गौरी की देखरेख के लिए एक तय रकम भेजते हैं। एक दो संगठन भी इसमें अलग से सहयोग कर रहे हैं।

 
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सिपाही के साथ गौरी और आईजी मोहित अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
स्थानीय पुलिस को समय-समय पर गौरी का हालचाल लेने के निर्देश हैं। तीस जनवरी 2019 को फर्रुखाबाद के करथिया गांव में सुभाष और उसकी पत्नी रूबी ने बर्थडे पार्टी के बहाने तीस बच्चों को घर बुलाया था। दंपति ने बच्चों को बंधक बना लिया था। बमबाजी कर तमाम तरह की मांगे सुभाष कर रहा था।

 
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महिला सिपाही के साथ गौरी एवं आईजी मोहित अग्रवाल - फोटो : अमर उजाला
पुलिस की कार्रवाई में सुभाष मारा गया था जबकि रूबी को भीड़ ने पीटकर मार दिया था। उनकी तीन साल की बच्ची गौरी को आईजी मोहित अग्रवाल ने गोद लिया था। लगभग एक साल होने को आईजी उसकी देखभाल कर रहे हैं। आईजी ने बताया कि सीडब्ल्यूसी ने बच्ची की कस्टडी उसकी बुआ दे दी थी।

 

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आईजी मोहित अग्रवाल की गोद में गौरी - फोटो : अमर उजाला
तब से वो उसी के घर पर रहकर गौरी का पालन-पोषण कर रही हैं। आईजी उसकी देखरेख के लए पांच हजार रुपये हर महीने उनको दे रहे हैं। एक दो संगठन अपनी तरफ से दो तीन हजार रुपये भेजते हैं। जिससे गौरी को किसी तरह की दिक्कत न हो।

 
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गौरी को दुलार करते आईजी व उनकी पत्नी - फोटो : अमर उजाला
जल्द स्कूल जाएगी गौरी
आईजी ने बताय कि कोविड की वजह से स्कूल बंद है। स्कूल खुलने के बाद गौरी का प्ले स्कूल में दाखिला कराया जाएगा। उसकी पढ़ाई भी उनकी ही देखरेख में होगी। इसके लिए वो हर संभव मदद करेंगे। इसके पहले आईजी गौरी के नाम से एक लाख की एफडी कराई थी। ये राशि आईजी को मुख्यमंत्री ने बच्चों को सुरक्षित बचाने के लिए पुरस्कार के रूप में दी थी।
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