माधव का कत्ल, संदूक में लाश: वो मासूम आंखें...जिन्हें पड़ोसी की क्रूरता ने हमेशा के लिए मूंद दिया; कांप गई रूह
Thu, 16 Oct 2025 01:00 PM IST
शाहरुख खान
विकास वत्स, संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर
सार
बुलंदशहर के नरसेना थाना इलाके के नित्यानंदपुर नंगली गांव में मंगलवार शाम संदिग्ध परिस्थिति में लापता हुए डेढ़ वर्षीय मासूम माधव की हत्या कर दी गई। पड़ोसी अंकुश ने गला दबाकर मारने के बाद शव को घर में रखे एक संदूक में रजाई के अंदर छिपा दिया था। किसी को शक न हो इसलिए मासूम के परिजनों के साथ तलाश में भी जुटा रहा।
बुलंदशहर के नरसेना थाना इलाके के नित्यानंदपुर नंगली गांव में बुधवार को हवा भी भारी थी। गांव का हर घर अंधेरे में डूबा था, हर आंख नम थी, हर जुबान पर एक ही सवाल था.. आखिर इतनी क्रूरता कहां से आई? नन्हे से बालक का गया घोंटते वक्त उसके हाथ भी क्यों नहीं कांपे?
पुष्पेंद्र और उनकी पत्नी का जीवन उनके 18 महीने के बेटे माधव के इर्द गिर्द घूमता था। माधव उनका चिराग, उनकी सबसे बड़ी हंसी, उनकी आंखों का तारा था। जब वह आंगन में अपने छोटे छोटे कदमों से दौड़ता था तो पुष्पेंद्र को अपनी खेती की सारी थकान भूल जाती थी।
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मासूम माधव की हत्या के बाद मौजूद लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मंगलवार की शाम जब दिन डूब रहा था, माधव खेल रहा था। एक पल की चूक... और वह गायब हो गया। पुष्पेंद्र और उनकी पत्नी के लिए तो जैसे सांस लेना मुश्किल हो गया।
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इसी संदूक में मिला था मासूम का शव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
माधव... ओ मेरे लाल! उनकी आवाज गांव की गलियों में पागलों की तरह भटकती रही। वे हर घर का दरवाजा खटखटाते, हर पड़ोसी से पूछते। इस दिल दहला देने वाली तलाश के दौरान एक चेहरा जो सबसे आगे था, वह था उनका पड़ोसी अंकुश। वह हर जगह उनके साथ था।
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मासूम माधव की हत्या के बाद विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उसके चेहरे पर वैसी ही चिंता थी, जैसी अपनों के खो जाने पर होती है। वह कंधे से कंधा मिलाकर, ढांढस बंधाकर, उनके दर्द में शामिल होने का दिखावा करता रहा। पुष्पेंद्र ने सोचा संकट में पड़ोसी ही काम आता है लेकिन उन्हें नहीं पता था कि जिस कंधे पर वे सहारा ढूंढ रहे थे वह तो उनके दर्द का सूत्रधार था।
रात अंधेरी और लंबी होती गई। जब पुलिस को संदेह हुआ और वे अंकुश के घर पहुंचे तो अंकुश ने बिना विरोध दरवाजा खोल दिया। फिर पुलिस की निगाहें घर के कोने में रखे एक पुराने भारी संदूक पर पड़ीं।
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मासूम माधव की हत्या के बाद मौके पर मौजूद लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जब संदूक का ढक्कन खुला तो पुलिस की भी रूह कांप गई। संदूक के अंदर, रजाई के नीचे, माधव का छोटा सा शरीर सिकुड़ा हुआ पड़ा था। उसकी आंखें हमेशा के लिए बंद हो चुकी थीं। उसके छोटे होंठ शांत थे, जिन पर कुछ देर पहले तक मासूम मुस्कान थिरकती थी।
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इसी संदूक में मिला था मासूम का शव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
डेढ़ साल के मासूम को पड़ोसी ने मारकर संदूक में छिपाया
बुलंदशहर के नरसेना थाना इलाके के नित्यानंदपुर नंगली गांव में मंगलवार शाम संदिग्ध परिस्थिति में लापता हुए डेढ़ वर्षीय मासूम माधव की हत्या कर दी गई। पड़ोसी अंकुश ने गला दबाकर मारने के बाद शव को घर में रखे एक संदूक में रजाई के अंदर छिपा दिया था। किसी को शक न हो इसलिए मासूम के परिजनों के साथ तलाश में भी जुटा रहा।
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मासूम माधव की हत्या के बाद मौके पर मौजूद लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव निवासी पुष्पेंद्र खेतीबाड़ी कर अपना और परिवार का भरन पोषण करते हैं। उनका मासूम पुत्र माधव मंगलवार शाम को घर के बाहर से खेलता हुआ अचानक लापता हो गया था। परिजनों ने काफी तलाश की लेकिन वह नहीं मिला।
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मासूम माधव की हत्या के बाद मौके पर मौजूद लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसी बीच पुलिस को पुष्पेंद्र के पड़ोसी अंकुश पर शक हुआ। इसके बाद पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली। घर में रखे एक संदूक को खोलने पर पुलिस टीम सकते में आ गई। संदूक के अंदर रजाई के नीचे मासूम माधव का शव था।
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मासूम माधव की हत्या के बाद मौके पर मौजूद लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आरोपी अंकुश को तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि हत्या के कारणों और आरोपी के संबंध में पूछताछ की जा रही है। इस खौफनाक वारदात के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और हर कोई स्तब्ध है।
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मासूम माधव की हत्या के बाद मौके पर मौजूद लोग
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हत्या का मकसद साफ नहीं, आरोपी बदल रहा बयान
आरोपी अंकुश पुलिस पूछताछ में लगातार अपने बयान बदल रहा है। हत्या के स्पष्ट कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस गहराई से पूछताछ कर रही है ताकि इस निर्मम वारदात के पीछे की असली वजह सामने आ सके। आरोपी अंकुश के पिता दिव्यांग हैं। उसकी मां ने लगभग दस वर्ष पूर्व दूसरी शादी कर ली थी। गांव में अंकुश अपने बड़े भाई, दिव्यांग पिता और 80 वर्षीय दादी के साथ रहता है। पुलिस इन पारिवारिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों को भी हत्या के संभावित कारण के तौर पर देख रही है।
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bulandshahr murder
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
गांव में पसरा मातम
माधव के माता-पिता की चीत्कार सुन गांव में मातम पसर गया। यह सिर्फ एक हत्या नहीं थी, यह उस सामाजिक ताने-बाने का टूटना है, जहां पड़ोस को रिश्तेदारी से बढ़कर माना जाता है। माधव का निष्प्राण शरीर पुलिस ले जा चुकी थी लेकिन उसकी मासूमियत उस संदूक में दफन हो गई।
आरोपी लगातार अपने बयान बदल रहा है। अभी हत्या का स्पष्ट कारण नहीं पता चल सका है। आरोपी ने गला दबाकर बालक की हत्या की और फिर अपने ही घर के संदूक में छिपा दिया। शक न हो इसलिए परिजनों के साथ तलाश में जुटा रहा। - प्रखर पांडे, सीओ स्याना