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नीरज को निगल गई मौत की तार: काम का पहला दिन बना आखिरी, परिवार का हाल जान विधायक भी इंसाफ के लिए सड़क पर बैठीं

Sun, 16 Aug 2026 05:36 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, जहांगीरपुर

सार

रोते बिलखते हुए मृतक नीरज की बहन भावना ने बताया कि उनके पिता किशोरी की तीन साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। भावना व उनकी बहन कमलेश की पहले ही शादी हो चुकी थी। ऐसे में मां कुसमा व भाई नीरज अकेले ही रहते थे। नीरज अपनी मां की अकेले ही सेवा करते और मेहनत मजदूरी कर पालन पोषण करते थे। नीरज घर की इकलौता बेटा था, जिसकी मौत से वृद्ध मां बुढ़ापे का सहारा छूट गया।
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मृतक नीरज और धरने पर बैठीं विधायक मीनाक्षी सिंह - फोटो : अमर उजाला
यूपी के बुलंदशहर स्थित खुर्जा थाना क्षेत्र के परौरी गांव में रविवार सुबह पड़ोस के मकान में मजदूरी करते वक्त युवक हाइटेंशन लाइन की चपेट में आ गया, जिसमें युवक की मौत हो गई। घटना के विरोध में ऊर्जा निगम के खिलाफ ग्रामीणों ने खुर्जा-जेवर पर जाम लगा दिया। एसडीएम व सीओ के पहुंचने के बाद भी ग्रामीणों ने जाम नहीं खोला। वहीं विधायक मीनाक्षी सिंह भी ग्रामीणों संग धरने पर बैठ गईं। सवा पांच घंटे बाद नोएडा अधीक्षण अभियंता के आश्वासन के बाद खोला गया।  
 
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नीरज कुमार - फोटो : अमर उजाला
मजदूरी करने गया था नीरज
परौरी गांव निवासी शिव कुमार ने बताया कि उनका चचेरा भाई नीरज बघेल (21) पुत्र किशोरी खेती करता था। उनके दूसरे चचेरे भाई नीरज पुत्र प्रकाश के यहां दूसरी मंजिल पर गाटर व पटिया डालने का काम चल रहा था। ऐसे में नीरज पुत्र किशोरी वहां पर मजदूरी करने चला गया था। रविवार सुबह करीब दस बजे काम करते वक्त जैसे ही नीरज ने लोहे का एंगल ऊपर उठाया तो वह घर के ऊपर से गुजर रही 11 हजार केवी क्षमता की हाइटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया। 
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विलाप करते नीरज के परिजन - फोटो : अमर उजाला
गांव वालों ने लगाया ऊर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप
इसी के साथ करंट का तेज झटका लगा और नीरज वहीं गिर गया। वहां मौजूद अन्य मजदूरों ने नीरज को होश में लाने का प्रयास किया और इसके बाद नजदीकी अस्पताल ले गए। जहां चिकित्सकों ने नीरज को मृत घोषित कर दिया। यह सुनकर परिजन बिलख उठे। इसके बाद परिजन गांव के बाहर ही खुर्जा-जेवर मार्ग पर आ गए और अन्य ग्रामीण भी इकट्ठा हो गए। जहां उन्होंने ऊर्जा निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और जाम लगा दिया।  

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विलाप करते नीरज के परिजन - फोटो : अमर उजाला
कई बार शिकायत की पर नहीं हटाई गई लाइन
शिव कुमार का कहना है कि कई बार ग्रामीणों की ओर से शिकायत की गई थी कि हाइटेंशन लाइन को हटाया जाए, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो सकी। ऐसे में ग्रामीणों की मांग थी कि खुले में लगी हाइटेंशन लाइन को ढका जाए, साथ ही उनकी ऊंचाई बढ़ाई जाए, आवासीय क्षेत्र से दूर किया जाए व आवासीय क्षेत्र में केवल कनेक्शन केबल लगाए जाएं आदि।  
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ग्रामीणों ने लगाया जाम - फोटो : अमर उजाला
विधायक के समझाने पर हुआ पोस्टमार्टम
जाम लगाने की सूचना पर एसडीएम खुर्जा सत्येंद्र सिंह, सीओ खुर्जा शोभित कुमार अत्री और चार थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। काफी समझाने के बावजूद परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। दोपहर तीन बजे करीब विधायक मीनाक्षी सिंह भी अपने कार्यकर्ताओं संग मौके पर पहुंची और पीड़ित परिवार का ढांढस बांधा। उनके समझाने के बाद परिजनों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 
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जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
सात लाख के मुआवजे पर माने परिजन
इसके बाद भी ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त नहीं किया। वहीं, विधायक भी ग्रामीणों संग मार्ग पर धरने पर बैठ गईं और उन्होंने निगम के अधिकारियों से मुआवजा देने व जेई के तबादले व एसडीओ को निलंबित करने की मांग रखी। इसके बाद नोएडा से अधीक्षण अभियंता पवन कुमार मौके पर पहुंचे, जिन्होंने मृतक आश्रित को सात लाख का मुआवजा देने, गांव में तारों को हटाने क कार्य शुरू करने और जेई व एसडीओ पर जांच के बाद कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण धरना समाप्त करने पर सहमत हो गए। ऐसे में सुबह 11 बजे से लगा हुआ जाम शाम सवा चार बजे खोला गया। सवा पांच घंटे तक खुर्जा से जेवर की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम को देखते हुए पुलिस की ओर से झाझर मार्ग और जहांगीरपुर के अन्य गांवों के बीच से वाहनों को निकालकर रवाना कर दिया गया, लेकिन फिर भी लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। 
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ग्रामीणों ने लगाया जाम - फोटो : अमर उजाला
घर का इकलौता बेटा था नीरज, मां की करता था सेवा 
रोते बिलखते हुए मृतक नीरज की बहन भावना ने बताया कि उनके पिता किशोरी की तीन साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। भावना व उनकी बहन कमलेश की पहले ही शादी हो चुकी थी। ऐसे में मां कुसमा व भाई नीरज अकेले ही रहते थे। नीरज अपनी मां की अकेले ही सेवा करते और मेहनत मजदूरी कर पालन पोषण करते थे। नीरज घर की इकलौता बेटा था, जिसकी मौत से वृद्ध मां बुढ़ापे का सहारा छूट गया। बेटे की मौत के सदमे में मां किसी से कुछ नहीं कह रही। 

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धरने पर विधायक मीनाक्षी सिंह - फोटो : अमर उजाला
नीरज की मजदूरी का था पहला दिन 
तहेरे भाई शिव कुमार ने बताया कि नीरज खेती ही करता था। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी तो उसने खाली समय में मजदूरी करने का निर्णय लिया। इसी के चलते पड़ोस में नीरज पुत्र प्रकाश के मकान में छत बनाने के काम चल रहा था। ऐसे में रविवार को नीरज पहली बार मजदूरी करने गया था और वह उसका आखिरी दिन बन गया। एक परिवार का चिराग बुझ गया और मां की गोद सुनी हो गई। 
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ग्रामीणों ने लगाया जाम - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों की मांग के अनुसार पीड़ित परिवार को सात लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही एसडीओ विशाल व जेई रामेश्वर पर कार्रवाई के लिए जांच की जा रही है। गांव में होकर गुजर रही हाइटेंशन लाइन को जल्द से जल्द कवर कराया जाएगा। -पवन कुमार, अधीक्षण अभियंता, नोएडा ऊर्जा निगम

ऊर्जा निगम की लापरवाही से एक परिवार का चिराग बुझ गया। मुख्य अभियंता से बात कर मृतक आश्रित को मिलने वाला मुआवजा पांच से बढ़ाकर सात लाख रुपये कराया गया। आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। साथ ही मृतक की मां कुसमा की वृद्धा पेंशन दिलाई जाएगी। - मीनाक्षी सिंह, विधायक खुर्जा
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