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हाईवे कांड: पुलिस की किरकिरी, सीबीआई की चार्जशीट में खुली सिस्टम की पोल; शिनाख्त परेड में निकले थे तीन निर्दोष

Mon, 22 Dec 2025 02:18 PM IST
शाहरुख खान विकास वत्स, संवाद न्यूज एजेंसी, बुलंदशहर

सार

बुलंदशहर के हाईवे कांड के दोषियों को आज सजा सुनाई जाएगी। परिजनों ने दोषियों को फांसी देने की मांग की है। इस मामले में पुलिस की खूब किरकिरी हुई। सीबीआई की चार्जशीट में सिस्टम की पोल खुल गई। बुलंदशहर पुलिस द्वारा शुरुआत में पकड़े गए तीन आरोपी शिनाख्त परेड में निर्दोष निकले थे।
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी जुबेर व साजिद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर के नेशनल हाईवे कांड में अदालत से पांच आरोपियों पर दोष सिद्ध होने के बाद पुलिसिया कार्यप्रणाली का वह डरावना चेहरा भी उजागर हो गया है, जिसमें वाहवाही लूटने के लिए बेगुनाहों को सलाखों के पीछे धकेला जाता है।

हरियाणा पुलिस की कार्रवाई और सीबीआई की ओर से दाखिल दो चार्जशीट ने यह साफ कर दिया कि बुलंदशहर पुलिस ने जांच में लापरवाही बरती थी। साथ ही असली दरिंदों को पकड़ने की बजाय निर्दोषों को जेल भेजकर अपनी पीठ थपथपाने की कोशिश की थी।
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हाईवे कांड की जांच करने पहुंची सीबीआई टीम। फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसएसपी समेत 17 पुलिसकर्मी कर दिए गए थे सस्पेंड
वारदात के बाद जब आक्रोश भड़का तो तत्कालीन पुलिस अधिकारियों पर गाज गिरी। एसएसपी समेत 17 पुलिसकर्मी सस्पेंड कर दिए गए। 28 जुलाई की रात को वारदात हुई और 29 जुलाई की रात बुलंदशहर पुलिस ने तीन आरोपी गिरफ्तार कर लिए। जिनकी शिनाख्त पुलिस ने रईस, नरेश और बबलू के रूप में बताई।
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हाईवे कांड के दौरान जांच करने पहुंचे तत्कालीन नवनियुक्त एसपी सिटी व देहात कोतवाली प्रभारी(फाइल फोटो) - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक अगस्त को डीजीपी यूपी और प्रमुख सचिव घटनास्थल पर पहुंचे और प्रेस वार्ता की। इसमें तीन बदमाशों के नाम बताए गए। इनमें से दो नाम जेल भेजे गए बदमाशों से अलग थे। पीड़ित परिवार ने भी शिनाख्त और जेल भेजे गए बदमाशों पर सवाल उठाते हुए दोबारा बदमाशों की शिनाख्त की मांग की थी। 
 

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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उस दौरान पुलिस अधिकारियों का कहना था कि पहले जिन दो आरोपियों ने अपने नाम नरेश और बबलू बताए थे, वे तस्दीक के बाद शावेज और जबर निकले।
इसके बाद उसी दिन देर शाम जिले के कप्तान पर कार्रवाई हुई और आरोपियों के नाम जबर, शावेज और रईस हो गए। तब पुलिस अधिकारियों का कहना था कि डीजीपी की प्रेस कांफ्रेंस से पहले दोनों आरोपियों ने अपने नाम नरेश व बबलू ही बताए थे।
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी जुबेर व साजिद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
शासन के भारी दबाव के बीच बुलंदशहर पुलिस ने आनन-फानन तीन युवकों को गिरफ्तार कर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी। पुलिस ने दावा किया कि यही वे दरिंदे हैं जिन्होंने हाईवे पर आतंक मचाया था। हालांकि जब पुलिस इन युवकों को अदालत ले जा रही थी, तब वे कैमरे के सामने चीख-चीखकर खुद को बेगुनाह बता रहे थे। उनकी आंखों में आंसू थे और जुबां पर सिर्फ एक बात कि 'साहब, हमें फंसाया गया है।'
 
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बाद में जब सीबीआई ने जांच हाथ में ली और जेल में बंद इन युवकों की शिनाख्त परेड कराई गई तो पीड़ित परिवार ने उन्हें पहचानने से इन्कार कर दिया। वे तीनों युवक पूरी तरह निर्दोष पाए गए, जिससे खाकी की भारी किरकिरी हुई। पुलिस की किरकिरी यहीं नहीं रुकी। जांच को आगे बढ़ाने के लिए स्वाट टीम को भी लगाया गया था। टीम ने फिर छह आरोपियों को पकड़ने का दावा किया।
 
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पुलिस ने अपनी पीठ थपथपाई लेकिन सीबीआई की सूक्ष्म जांच में फिर से झूठ का पुलिंदा ढह गया। उन छह आरोपियों में से भी तीन जांच में निर्दोष पाए गए। सवाल उठा कि आखिर पुलिस किसके दबाव में और किस आधार र पर पर निर्दोषों को अपराधी घोषित करने पर तुली थी? बाद में, इस पूरे गैंग का पर्दाफाश हरियाणा पुलिस की एक सूचना के बाद हुआ, जिसके बाद सीबीआई ने असली आरोपियों पर शिकंजा कसा। 
 

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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मेडिकल के दौरान डॉक्टरों और स्टाफ ने की थी अभद्रता 
पीड़ित परिवार के साथ उस काली रात में जो हुआ वो तो भयानक था ही, लेकिन न्याय की दहलीज पर भी उन्हें अपमान झेलना पड़ा। आरोप लगे कि मेडिकल परीक्षण के दौरान पीड़िता किशोरी के साथ डॉक्टरों और उपस्थित स्टाफ ने अभद्र व्यवहार किया। संवेदनशीलता दिखाने की बजाय पीड़िता के जख्मों पर नमक छिड़का गया। इस मामले की गूंज भी शासन तक पहुंची और मेडिकल टीम के खिलाफ जांच बैठाई गई। 
 

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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी धर्मवीर, सुनील व नरेश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीबीआई ने दी दो चार्जशीट
सीबीआई ने मामले में गहनता से साक्ष्य जुटाए। पहली चार्जशीट में असली गैंग के सदस्यों का विवरण दिया गया, जिन्हें तकनीकी साक्ष्यों और शिनाख्त के आधार पर दोषी माना गया। दूसरी चार्जशीट में पुलिस की उन खामियों और लापरवाही का जिक्र हुआ, जिसके चलते जांच की दिशा भटक गई थी। हरियाणा पुलिस की कार्रवाई और सीबीआई की जांच ने यह साबित कर दिया कि अगर यह मामला स्थानीय पुलिस के भरोसे रहता तो शायद असली अपराधी आज भी पुलिस की पकड़ से दूर होते।
 
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हाईवे कांड मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद आरोपी जुबेर व साजिद - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वारदात को दबाने में लगा दी थी पूरी ताकत
घटना वाली रात जब पीड़ित मदद के लिए भटक रहे थे तो पुलिस का रवैया टालमटोल वाला था। आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने शुरू में मामले को मामूली लूट बताकर दबाने की भरपूर कोशिश की। सामूहिक दुष्कर्म जैसी संगीन धाराओं को दर्ज करने में आनाकानी की गई।
 
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