बदायूं जिले में कच्चे तेल का भंडार होने की संभावना के चलते अल्फाजियो (इंडिया) कंपनी की टीम सर्वे कर रही है। कंपनी के अधिकारी उघैती क्षेत्र में डेला डाले हुए हैं। जमीन में बोरिंग कराकर जांच कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में कच्चे तेल होने की संभावना के चलते अल्फाजियो (इंडिया) लिमिटेड कंपनी के अधिकारियों ने उघैती क्षेत्र में डेरा जमाया हुआ है। रविवार को कंपनी के कर्मचारियों ने रघुनाथपुर पीपरी गांव के पास एक खेत में बोरिंग कराकर तेल तलाशने की कोशिश की। चार दिन पहले भी गांव में एक दूसरे स्थान पर बोरिंग की गई थी। इससे पहले भी गांव में ही अक अन्य स्थान पर बोरिंग हो चुकी है। हालांकि अभी तक कामयाबी हाथ नहीं लग सकी है। वहीं, जिले में कच्चे तेल का भंडार होने की अटकलें भी फिर से शुरू हो गई हैं।
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खेत में खोदाई करता मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
अल्फाजियो (इंडिया) लिमिटेड कंपनी को जिले में जहां-जहां कच्चा तेल होने के संकेत मिल रहे हैं, वह वहां-वहां वैज्ञानिक विधि से बोरिंग करा रही है। कच्चा तेल होने की पुष्टि के बाद इस दिशा में कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। रविवार को उघैती क्षेत्र के गांव रघुनाथपुर पीपरी में कंपनी के कर्मियों ने तिपाई लगाकर बोरिंग कराई गई।
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खेत में बोरिंग करते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि उघैती के अलग-अलग स्थानों पर बोरिंग और अन्य वैज्ञानिक विधियों से कच्चे तेल की खोज कर रहे हैं। जिन स्थानों पर तेल होने के अंश प्राप्त हुए हैं, वहां पर तिपाई लगाकर बोरिंग कराई जा रही है। इसके बाद कुछ दूरी पर जीपीएस लगाया जाएगा।
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मौके पर कंपनी के कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
अधिकारियों ने बताया कि शूटर मशीन से जमीन के अंदर ब्लास्ट किया जाएगा, जिसकी रीडिंग जीपीएस से ली जाएगी। गणना के बाद ही तेल के भंडार होने के बारे में पता चल सकेगा। बताया जा रहा है कि उद्यैती क्षेत्र में कुछ स्थानों पर निकाले गए पानी में कच्चे तेल के अंश मिले हैं।
पांच फरवरी को कंपनी की टीम उघैती के गांव टिटोली पहुंची थी। जहां पूर्व में भी कच्चे तेल के संकेत मिले थे। जिसके चलते करीब 500 फीट से अधिक गहराई की बोरिंग कराई गई। पानी निकालकर नमूना लिया गया था। वहीं, इलाके में एक बार फिर से कच्चा तेल होने की अटकलें शुरू हो गई हैं।