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बदायूं हादसा: गंगा नदी में डूबे दो भाइयों की तलाश जारी, एसडीआरएफ और फ्लड पीएसी की टीमें जुटी; तस्वीरें

Mon, 13 Apr 2026 12:36 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं के थाना उसहैत क्षेत्र में रविवार शाम गंगा नदी में बहे पांच बच्चों में तीन डूब गए थे। इनमें एक बच्चे की मौत हो गई, जिसका शव शाम को ही बरामद कर लिया गया। दो सगे भाई लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। 15 घंटे बाद भी दोनों का पता नहीं चला है। 
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दोनों बच्चों की तलाश में जुटी टीम - फोटो : संवाद
बदायूं के उसहैत थाना क्षेत्र में रविवार शाम गंगा नदी में नहाने गए पांच बालकों में से तीन डूब गए। स्थानीय गोताखोरों की मदद से एक बालक का शव शाम को ही बरामद कर लिया गया था, जबकि दो सगे भाई अब भी लापता हैं। उनकी तलाश में बरेली से एसडीआरएफ व पीएसी की फ्लड यूनिट की टीम बुलाकर लगाई गई है। सोमवार सुबह से ही टीमें नदी की लहरों के बीच सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। 15 घंटे बाद भी दोनों का कोई सुराग नहीं लगा है। उधर, घटना का संज्ञान लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डीएम और एसएसपी को मौके पर भेजा। अफसरों ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।
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बच्चों की तलाश में जुटे गोताखोर - फोटो : संवाद
पुलिस के अनुसार, गांव खजुरा नगला पुख्ता निवासी जमादार के तीन पुत्र पिंटू (9 साल), केशव (11 साल) व सिंकू (13 साल) और संतोष का आठ वर्षीय पुत्र अखिलेश व वीरेश का 11 वर्षीय पुत्र विकास गंगा नदी में नहाने गए थे। इसी दौरान पांचों बालक पानी में बहने लगे। चीख-पुकार मचने पर ग्रामीणों ने सिंकू व विकास को सकुशल बाहर निकाल लिया। वहीं अखिलेश की डूबने से मौत हो गई। उसका शव बरामद कर लिया गया। वहीं जमादार के दोनों बेटे पिंटू व केशव लापता हैं। 
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चश्मा लगाए हुए पिंटू व दूसरा केशव (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद
दोनों बच्चों की तलाश में जुटी टीमें 
पीएसी की फ्लड यूनिट, एसडीआरएफ टीम और स्थानीय गोताखोरों ने दोनों बच्चों की तलाश में सोमवार सुबह फिर अभियान शुरू किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मौके का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन द्वारा मृतक बच्चे के परिजनों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि गंगा नदी में स्नान के दौरान विशेष सावधानी बरतें और बच्चों को अकेले नदी के गहरे पानी में न जाने दें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
 

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घटना के बाद नदी किनारे जुटे ग्रामीण - फोटो : संवाद
गर्मी से बचने के लिए नदी में नहाने पहुंचे थे पांचों बच्चे
बताया गया है कि गर्मी के कारण पांचों बच्चों ने गंगा में नहाने गए थे। बहाव तेज होने के कारण पांचों डूबने लगे थे। आसपास खेतों में काम कर रहे लोगों ने बच्चों को डूबते देखा तो बचाने के लिए दौड़े। गांव के कुछ तैराक युवक गंगा में उतरे और अखिलेश को बाहर निकाल लाए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। विकास और सिंकू को भी गोताखोरों ने डूबने से बचा लिया, लेकिन केशव और पिंटू का पता नहीं चल सका। दोनों की तलाश में गोताखोर देर रात तक डटे रहे। 
 
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घटना के बाद रोते-बिलखते मृतक बच्चे के परिजन - फोटो : संवाद
परिवारों पर दुखों का पहाड़
इस हादसे ने दो परिवारों को झकझोर कर रख दिया है। जमादार के परिवार में तीन बेटे और तीन बेटियां हैं, जिनमें से दो बेटे गंगा नदी में डूब गए हैं, जिनका अब तक कोई पता नहीं चला है। वहीं संतोष के परिवार में तीन बेटे और दो बेटियां हैं। मासूम अखिलेश की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पीड़ित परिवार की महिलाओं के विलाप से माहौल गमगीन बना हुआ है।
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स्थानीय पुलिस भी तलाश में जुटी - फोटो : संवाद
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे के बाद गंगा किनारे सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी किनारे न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही कोई सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है। इससे इस तरह की घटनाएं बार-बार सामने आती रहती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग की है।
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बच्चों की तलाश में जुटी कई टीमें - फोटो : संवाद
लोग बोले, खेल-खेल में नदी में उतर गए थे बच्चे
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वे खेतों में गेहूं निकाल रहे थे। इस दौरान बच्चे खेतों के पास ही खेल रहे थे। अचानक सभी एक-एक करके गंगा में उतर गए। किनारे खड़े होकर पानी में खेलने लगे। हमें लगा, नहाकर लौट आएंगे, लेकिन तेज बहाव के कारण पिंटू लड़खड़ा गया। वह बहने लगा तो भाई केशव समेत सिंकू उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़े। तीनों डूबने लगे तो विकास और अखिलेश भी हड़बड़ा गए। वो भी तीनों को बचाने कूद पड़े। बच्चों के चीखने की आवाज सुनकर खेतों से दौड़कर लोग गंगा किनारे पहुंचे। 
 

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घटना के बाद नदी किनारे जुटे ग्रामीण - फोटो : संवाद
बचाने के लिए गंगा में कूदे, लेकिन तब तक बच्चे बहकर दूर जा चुके थे। सिंकू और विकास को 15 मिनट की मशक्कत के बाद निकाल लिया गया, लेकिन बाकी तीनों बच्चे बह गए अखिलेश को जब तक निकाला गया, उसकी मौत हो चुकी थी। केशव और पिंटू का कोई पता नहीं लगा। मौके पर बच्चों के घरवाले पहुंचे। महिलाएं बिलखने लगीं। वह चीख रही थीं। गांव और घर वालों ने उन्हें शांत कराया।
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बच्चों की तलाश में जुटी एसडीआरएफ - फोटो : संवाद
डीएम अवनीश राय ने बताया कि गंगा में डूबे दोनों बच्चों की तलाश में फ्लड पीएसी कंपनी, एसडीआरएफ व स्थानीय गोताखोरों की टीम लगाई गई है। उक्त घटना गंगा की मुख्य धारा में बच्चों के चले जाने के कारण हुई है। मृतक के परिजनों को नियमानुसार आर्थिक मुआवजा भी दिलाया जाएगा। 
 
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