बदायूं के वजीरगंज थाना क्षेत्र के फतेहनगला गांव में पूर्व पीआरडी जवान खेमकरन की हत्या बेरहमी से की गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक आरोपी अवनीश ने खेमकरन पर करीब 20 मिनट तक ईंटों से प्रहार किए, जिससे मौके पर ही मौत हो गई थी। बाद में एकजुट होकर ग्रामीणों ने आरोपी को दबोचा और पेड़ से बांधकर पिटाई कर दी। जानें हत्याकांड की पूरी कहानी...
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मंगलवार को फतेहनगला गांव में हुई थी वारदात
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं के वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव फतेहनगला में मंगलवार को जिस वक्त आरोपी अवनीश, पूर्व पीआरडी जवान खेमकरन (50 वर्ष) की हत्या करने के लिए ताबड़तोड़ ईंटों व पत्थरों से वार कर रहा था, उस वक्त उसकी हैवानियत से आसपास के ग्रामीण खौफ खा गए। मुख्य आरोपी और उसके साथियों से ग्रामीण दहशत में आ गए और खेमकरन को बचाने की हिम्मत नहीं जुटा सके। जब खेमकरन के भतीजे व परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंचे तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। परिवार की महिला को पटक दिया। इससे महिला को चोट आई। परिजनों के मुताबिक खेमकरन की जान लेने तक आरोपी उनके सिर और चेहरे पर वार करता रहा। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 से 20 मिनट तक आरोपी वार करता रहा। खेमकरन के खून से उसकी टी-शर्ट तक सन गई थी।
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घटनास्थल पर जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, हमले के दौरान अवनीश लगातार खेमकरन को ललकारता रहा। वह कहता रहा कि बुलाओ अपने बचाने वाले को। हमलावरों के इस आक्रामक रवैये के चलते आसपास मौजूद ग्रामीण तमाशबीन बने रहे। किसी तरह परिवार के लोग उन्हें बचाने के लिए आगे आए थे। हमले में खेमकरन के भतीजे किशनपाल, उनकी पत्नी हेमवती और रामबहादुर को भी चोटें आईं। पास में दरांती और खुरपी पड़ी थी। वह तक खून से सन गई थी। फॉरेंसिक टीम को घटनास्थल पर खून से सनी ईंटें और पत्थर मिले हैं, जिन्हें टीम ने साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित कर लिया है।
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घटनास्थल पर शव सील करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
हत्या से आक्रोशित परिजनों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए शव उठाने से इनकार कर दिया था। अधिकारियों के कार्रवाई का भरोसा देने पर शव का पोस्टमॉर्टम कराया। चार भाइयों में तीन की मौत होने पर महेंद्र ही रह गए: मेवाराम के चार बेटे थे। खेमकरन, चन्द्रपाल, यादराम व महेंद्र। चंद्रपाल व यादराम की पहले की मृत्यु हो चुकी है। अब खेमकरन की मौत हो गई। तीन भाइयों की मौत से महेंद्र बेहद दुखी हैं। वह ही बचे हैं। परिजनों ने बताया कि चंद्रपाल और खेमकरन की शादी नहीं हुई थी।
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ग्रामीणों ने आरोपी को पेड़ से बांधकर पीटा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पेड़ से बांधकर अवनीश की लगाई पिटाई
वारदात के बाद पूरा गांव मौके पर पहुंच गया। ग्रामीणों ने एकजुट होकर मुख्य आरोपी अवनीश को दबोच लिया। ग्रामीणों ने पहले उसके दोनों हाथ बांधे। इसके बाद खींचकर ले जाकर पेड़ से बांध दिया। लोहे के तार से हाथ बंधने के बाद उसी तार से पेड़ से बांध दिया। इसके बाद रस्सी से और कसकर बांध दिया। इस दौरान कई महिलाओं ने आरोपी पर थप्पड़ बरसाए। पुरुषों ने भी उसकी पिटाई लगई। इस दौरान भी वह ग्रामीणों से गाली-गलौज करता रहा। उसके चेहरे पर जरा भी सिकन नहीं थी।
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आरोपी अवनीश
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इसके बाद पहुंची पुलिस ने रस्सी खोलकर उसे हिरासत में ले लिया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना रहा। खेमकरन और आरोपी अवनीश का घर आमने-सामने है। इधर, घटना की गंभीरता को देखते हुए सीओ बिल्सी आलोक सिद्ध, नायब तहसीलदार अमित कुमार के साथ बिल्सी इंस्पेक्टर मनोज कुमार, बिसौली इंस्पेक्टर सर्वेद्र कुमार शर्मा और वजीरगंज अश्वनी कुमार मौके पर पहुंचे। सभी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।
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मृतक की भतीजी भी हुई चोटिल
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पूछती रही भतीजी- हमारे चाचा ने किसी का क्या बिगाड़ा था
खेमकरन की हत्या होने के बाद उनके भाई महेंद्र की बेटियों देववती व सरिता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। इन्हीं के घर पर खेमकरन रहते थे। वह रो-रोकर कह रही थीं कि हमारे चाचा ने किसी का क्या बिगाड़ा था। आधे घंटे तक वे रोती रहीं। प्रत्यक्षदर्शी हेमवती और अन्य ने बताया कि घटना के दौरान आरोपी के परिवार की महिलाएं भी छतों से यह सब होता देख रही थीं।
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घटनास्थल पर रोते-बिलखते परिजन, जांच करती पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खेमकरन के भतीजे किशनपाल ने बताया कि अवनीश अपने साथियों के साथ हत्या के इरादे से ही आया था। आरोपी के परिवार व मिलने वाले कह रहे थे कि अवनीश को बचाने के लिए 10 से 15 लाख रुपये फूंक देंगे। उसने कुछ नहीं किया है। एक ग्रामीण पास में ही अपनी भैंस नहला रहा था। अवनीश अपने मकान की ऊंची दीवार फांद आया। उसे टीका ती इसने ईंट मार दी। इससे उसके चोट आई। पिता हंसराज आए तो उन पर भी हमलावर हो गया था।
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घटनास्थल पर पड़ी दरांती, खुरपी और मृतक के जूते
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भेद खुलने के डर से कर डाली हत्या
खेमकरन की हत्या के मामले में पुलिस ने कई बिंदुओं पर तफ्तीश की। अब तक की जांच और ग्रामीणों के बयानों से यह मालूम हुआ है कि मुख्य आरोपी अवनीश का गांव की ही एक युवती से प्रेम-प्रसंग चल रहा है। दोनों को एकसाथ कई बार खेमकरन ने देख लिया था। उन्होंने कई बार अवनीश को टोक दिया। इसके बाद से आरोपी खेमकरन से रंजिश मानने लगा। इसी रंजिश में अवनीश को लगा कि कहीं उसकी प्रेम कहानी सार्वजनिक न हो जाए।
ग्रामीणों ने यहां तक बताया कि मंगलवार दोपहर जब अवनीश खाली भूमि पर खेमकरन को मारने पहुंचा तो खेमकरन ने उस लड़की का जिक्र किया। इससे अवनीश और हैवान बन गया। पुलिस ने अभी हत्या की वजह के तौर पर आधिकारिक रूप से कुछ भी पुष्ट नहीं किया है, लेकिन पुलिस की जांच इसी दिशा में आगे बढ़ रही है। ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार को खेमकरन अकेले ही थे। इसकी जानकारी मिलने पर अवनीश शराब पीकर अपने दोस्तों के साथ पहुंच गया था। एसपी ग्रामीण डॉ हृदेश कठेरिया ने बताया कि हर बिंदु पर जांच कराई जा रही है। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हत्या के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट की जाएगी।