लगातार आठ बार के विधायक रहे सतीश महाना अब यूपी विधानसभा के नए अध्यक्ष हैं। मंगलवार को विधानसभा में उनके नाम का औपराचिक एलान प्रोटम स्पीकर ने किया। इसके बाद एक रोचक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने नए विधानसभा अध्यक्ष महाना को सदन में ढूंढा। फिर दोनों मिलकर उन्हें अध्यक्ष की कुर्सी तक ले गए। देखें तस्वीरें...
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नए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना
- फोटो : अमर उजाला
सबसे पीछे बैठे थे महाना
नए विधानसभा अध्यक्ष का जब एलान हुआ तब सतीश महाना सदन में सबसे पीछे बैठे थे। जैसे ही प्रोटम स्पीकर ने महाना के नाम का एलान किया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा मुखिया अखिलेश यादव अपनी-अपनी कुर्सी से उठ गए। दोनों सदन के उस तरफ बढ़े, जहां सतीश महाना बैठे थे। दोनों ने नए विधानसभा अध्यक्ष का हाथ पकड़ा और फिर अध्यक्ष के आसन के पास ले गए।
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विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना
- फोटो : अमर उजाला
मुस्कुराते दिखे अखिलेश और योगी
विधानसभा अध्यक्ष को आसन तक पहुंचाने की इस अनोखी परंपरा को निभाते हुए सीएम योगी और सपा मुखिया अखिलेश यादव मुस्कुराते हुए दिखे। सीएम के साथ डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी दिखे।
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विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस, निषाद पार्टी और आरएलडी के विधायक भी दिखे
आसन पर बैठने के बाद नए विधानसभा अध्यक्ष को बधाई देने के लिए भाजपा विधायकों और मंत्रियों के साथ-साथ सपा, आरएलडी, निषाद पार्टी और कांग्रेस के विधायक भी पहुंचे।
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विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना
- फोटो : अमर उजाला
अंग्रेजों के समय से परंपरा
विधानसभा अध्यक्ष के आसन पर पदासीन पूरे सदन के मुखिया होते हैं। इस परंपरा के जरिए यही बताने का प्रयास किया जाता है। अध्यक्ष चुने जाने के बाद वे सदन में किसी एक पक्ष के नहीं रह जाएंगे। सत्ता पक्ष और विपक्ष उनके लिए बराबर होगा। सदन के तमाम सदस्यों को वे एक समान भाव से मौका देंगे और उनके अधिकारों की रक्षा करेंगे। यह परंपरा अंग्रेजों के समय से चली आ रही है।
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विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना
- फोटो : अमर उजाला
महाना के सामने कई चुनौतियां
विधानसभा अध्यक्ष के रूप में सतीश महाना के सामने कई चुनौतियां हैं। इस बार विधानसभा में विपक्ष के सदस्यों की संख्या भी बढ़ गई है। विपक्ष की अगुवाई खुद अखिलेश यादव कर रहे हैं। ऐसे में सदन को सुचारू रूप से चलाना महाना के लिए बड़ी चुनौती होगी।
18वें विधानसभा अध्यक्ष हुए
उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष के आसन पर अब तक 17 नेता बैठ चुके हैं। यूपी विधानसभा के पहले अध्यक्ष पुरुषोत्तम दास टंडन थे। केशरी नाथ त्रिपाठी सबसे अधिक 13 साल तक अध्यक्ष के आसन पर बैठे हैं। यूपी विधानसभा का अध्यक्ष रहे श्रीपति मिश्र स्पीकर बनने के बाद मुख्यमंत्री बने थे। वहीं, बनारसी दास मुख्यमंत्री बनने के बाद अध्यक्ष के पद पर आसीन हुए थे। बनारसी दास को 12 जुलाई 1977 को यूपी विधानसभा का अध्यक्ष सर्वसम्मति से चुना गया था। वे कहते थे कि अगर एक भी सदस्य का विश्वास मुझे प्राप्त नहीं होगा, तो इस पीठ का मैं त्याग कर दूंगा।