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Haiderpur Wetland: दिल खुश कर देंगी हैदरपुर वेटलैंड की ये तस्वीरें, अद्भुत होता है सर्दियों का नजारा

Mon, 31 Oct 2022 06:07 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
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हैदरपुर वेटलैंड बिजनौर। - फोटो : amar ujala
हैदरपुर वेटलैंड हस्तिनापुर सेंक्चुअरि में होने के कारण पहले ही संरक्षण की श्रेणी में आता है। यहां पर पक्षियों और वनस्पति का शानदार संगम है। यहां पक्षियों के अलावा हरियाली भी पर्यटकों को खूब भा रही है।



खासतौर से कच्ची टेल रिजर्व फॉरेस्ट का एहसास करा रही है। यूं तो सर्दियों में देश और विदेश के 300 से ज्यादा प्रजाति के पक्षी देखने को मिल जाते हैं, लेकिन अभी पक्षियों के आने का सिलसिला शुरू ही हुआ है। लाल सुर्खाब का बड़ा झुंड गंगा में दिखाई देने लगा है और कुछ संख्या में कारमोरेंट और रिवर गुल भी दिखाई देने लगे हैं। वहीं वन अधिकारी 15 नवंबर तक यहां पर बड़ी संख्या में पक्षियों के पहुंचने की उम्मीद जता रहे हैं। 
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हैदरपुर वेटलैंड - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर गंगा बैराज के 6,908 हेक्टेयर क्षेत्र में हैदरपुर वेटलैंड एक मानव निर्मित झील है। 1984 में मध्य गंगा बैराज के निर्माण के दौरान यह बनाई गई थी, ताकि बाढ़ आने पर ज्यादा पानी इस झील में चला जाए। हैदरपुर वेटलैंड में हिरण सहित कई जानवरों, 30 से अधिक प्रजातियों पेड़-पौधे, पक्षियों की 300 से अधिक प्रजातियां, 102 जलपक्षी, 40 से ज्यादा प्रजाति की मछली, दस से अधिक स्तनपायी प्रजातियां मिलती हैं। 
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हैदरपुर वेटलैंड बिजनौर। - फोटो : amar ujala
हैदरपुर वेटलैंड पर 15 से अधिक ऐसी प्रजातियां मौजूद हैं, जिन्में विश्व स्तर पर संकटग्रस्त घोषित किया हुआ है। जैसे घड़ियाल (गेवियलिस गैंगेटिकस) और लुप्तप्राय हॉग हिरण (एक्सिस पोर्सिनस), ब्लैक-बेलिड टर्न (स्टर्ना एक्यूटिकौडा), स्टेपी ईगल (एक्विला निपलेंसिस), भारतीय स्किमर (रिनचोप्स एल्बीकोलिस) और गोल्ड महासीर (टोर पुतिटोरा)। 

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हैदरपुर वेटलैंड। - फोटो : amar ujala
2016 में पहली बार हुआ था सर्वे
हैदरपुर वेटलैंड को सबसे पहले मेरठ में तैनात रहे तत्कालीन चीफ मुख्य वन सरंक्षक मुकेश कुमार ने खोजा था। वर्ष 2016 में मुकेश कुमार ने डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के साथ मिलकर पूरी हस्तिनापुर सेंचुरी में वेटलैंड का सर्वे कराया था। उस समय हुए सर्वे में यहां 41 प्रजातियों के पक्षी रिपोर्ट में शामिल किए गए थे। 
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हैदरपुर वेटलैंड - फोटो : amar ujala
रामसर साइट घोषित हो चुका है हैदरपुर वेटलैंड
हैदरपुर वेटलैंड को पिछले वर्ष दिसंबर माह में रामसर साइट घोषित किया जा चुका है। इसके लिए काफी समय से प्रयास हो रहे थे। अब रामसर साइट की बात करें तो ईरान के शहर रामसर में दो फरवरी सन 1971 को एक सम्मेलन हुआ। इसमें शामिल राष्ट्रों ने वेटलैंड के संरक्षण से संबंधित एक समझौता हुआ और यह 21 दिसंबर 1975 से प्रभाव में आ गया। रामसर स्थल की परिभाषा के अनुसार वेटलैंड ऐसा स्थान है, जहां वर्ष में कम से कम आठ माह पानी भरा रहता हो और 200 से ज्यादा प्रजातियों के पक्षियों की मौजूदगी रहती हो। 
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ज्ञान सिंह, एसडीओ, वन विभाग - फोटो : amar ujala
अभी गंगा में प्रवासी पक्षियों ने आना शुरू कर दिया है। 15 नवंबर तक यह संख्या काफी बढ़ जाएगी। इसके बाद गंगा के दोनों ओर हैदरपुर वेटलैंड और बिजनौर की ओर तटबंध के किनारे बड़ी संख्या में पक्षी दिखाई देंगे। - ज्ञान सिंह, एसडीओ, वन विभाग
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