विलाप करते परिजन।
- फोटो : amar ujala
इस हादसे में कार चालक सच्चिदानंद की भी मौत हो गई। चचेरे भाइयों धर्मेंद्र यादव और अशोक उर्फ शेरा की जान भी नहीं बच सकी। धर्मेंद्र यादव एक निजी अस्पताल में काम करता था, जबकि अशोक बैंक कर्मी था। दो चचेरे भाइयों, कार चालक के अलावा मंजीत और पवन की भी मौत हुई है। मंजीत के पिता रमेश की भी सड़क हादसे में दो साल पहले जान चली गई थी।