पानी में डूबीं फसलें।
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किसानों के अनुसार अभी करीब 400 बीघा में सब्जी व चारे की फसल डूब गई है। वहीं जिस तरह से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है, उससे यमुना किनारे पर कटान हो रहा है। जिसके चलते टांडा, बदरखा, शबगा, जागोस, कोताना, खेड़ा इस्लामपुर, सुल्तानपुर हटाना, नैथला, फैजपुर निनाना, निवाड़ा, सिसाना, बागपत, काठा, पाली, साकरौद में परेशानी बढ़ सकती है।
बागपत में इन किसानों की डूबी फसल
यमुना का जलस्तर बढ़ने से बागपत के पक्का घाट के समीप यमुना खादर में खेती करने वाले किसान विशाल की 10 बीघा लोकी, इशाकी की 10 बीघा लोकी व सीताफल, हाजी इस्लाम की 16 बीघा में लोकी, भूरे की सात बीघा फसल चारे, निसार की 12 बीघा बेबीकॉर्न व तीन बीघा लोकी की फसल डूब गई।