बिजनौर जिले के पुराने महलों को राजस्थान की तर्ज पर हेरिटेज होटल के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रशासन ने इसके लिए राजस्थान में पुराने महलों को हेरिटेज होटल के रूप में संचालित कर रही कंपनियों से संपर्क साधने की तैयारी शुरू कर दी है। ताकि वह जिले में इन महलों को संभालकर विकसित कर सकें। सब कुछ ठीक रहा तो अगले साल इस पर काम भी शुरू हो सकता है। यदि ऐसा होता है कि पर्यटन के मानचित्र पर भी जिले का कद बढ़ जाएगा। फिलहाल जिले के राजा का ताजपुर, स्याऊ और साहनपुर के महलों को चिन्हित किया गया है। इनका प्रस्ताव पहले ही शासन को भेजा जा चुका था।
यूं तो जिले में ऐतिहासिक, पौराणिक और प्राकृतिक संपदा की कमी नहीं है। हर कौना अपने आप में इतिहास को समेटे हुए है और पर्यटन की अपार संभावनाएं भी यहां छिपी हुई हैं। जरूरत है तो पर्यटकों के रुकने के लिए बेहतर होटल की। इसके लिए एक साल पहले जिले के स्याऊ, राजा का ताजपुर और साहनपुर के पुराने महलों को हेरिटेज होटल के रूप में विकसित करने की कवायद हुई थी।